कछुओं की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी, अमेठी में 4.4 टन कछुए बरामद

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में वन विभाग व पुलिस के संयुक्त आपरेशन में तस्करी के लिए ले जाये जा रहे कछुओं की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी की गयी है। गुप्त सूचना के आधार पर एक तस्कर के घर छापेमारी कर 115 बोरो में भरे 4.4 टन वजन के 10 हजार कछुआ बरामद किये हैं। अन्तरराज्यीय बाजार में बरामद कछुृओं की कीमत करोड़ों में बतायी जा रही है। प्रारम्भिक पूछताछ में पता चला है कि कछुओं को कोलकाता व मुंबई में भेजा जाना था। एसटीएफ ने तस्कर को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। एसटीएफ इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।

10 हजार कछुओं के साथ तस्कर गिरफ्तार

प्रदेश के कई जनपदों में कछुआ तस्कर सक्रिय हैं। अमेठी में दिसम्बर में तस्करों से पांच सौ से अधिक कछुओं की बरामदगी की गयी थी। इसके बाद वन विभाग व एसटीएफ की संयुक्त टीम कछुओं के बड़े तस्करों को पकड़ने के लिए जनपद में सक्रिय की गयी थी। टीम का प्रयास रंग लाया और परिणाम के रूप में प्रदेश में अब तक की कछुओं की तस्करी की सबसे बड़ी खेप पकड़ी जा सकी।

कछुओं की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी

बड़ी संख्या में कछुओं की बरामदगी की जानकारी मिलने पर वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक रूपक डे, विभागाध्यक्ष मनोज सिन्हा मुख्य वन संरक्षक ओपी सिंह प्रभारी वन संरक्षक सरजू बृत्त फैजाबाद ने अमेठी पंहुंचकर कछुओं की बरामदगी तथा केस के बारे में पूर्ण जानकारी ली तथा अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

रूपक डे ने बताया कि बरामद कछुओं की सीजर रिपोर्ट मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सुलतानपुर को प्रेषित की गई न्यायाधीश के आदेश पर कछुओं को नदी में छोड़ने की अनुमति मिली। इसके उपरान्त 6434 कछुओं को प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है जिसे गोमती नदी में छोड़ दिया जायेगा।