दो विधायकों और दो पूर्व विधायकों को चुनाव आयोग का नोटिस

देहरादून: उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही राज्य में आचार संहिता प्रभावी हो गई है। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर निर्वाचन विभाग का चाबुक भी चलना शुरू हो गया है। चार जनवरी से अभी तक निर्वाचन विभाग ने राज्य सरकार को बीजेपी की शिकायत पर नि: शुल्क हवाई यात्रा, राजकीय हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल समेत सात बिंदुओं पर नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। इसके साथ ही दो विधायकों और दो पूर्व विधायकों समेत नगर पालिका के एक अधिशासी अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी कर माँगा जवाब

मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने जानकारी देते हुए बताया है कि बीजेपी ने आचार संहिता लागू होने के बाद घोषणाएं करने, शिलान्यास करने, निशुल्क हवाई सेवाओं के जरिये मतदाताओं को प्रभावित करने, राजकीय हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल समेत सात बिंदुओं पर राज्य सरकार की शिकायत की थी। जिस पर नोटिस जारी कर जवाब मानेगा गया है|

दो विधायकों और दो पूर्व विधायकों को चुनाव आयोग का नोटिस

इसके साथ ही दो विधायक गंगोत्री सीट के विधायक विजयपाल को बिना अनुमति के सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी करने और हरिद्वार ग्रामीण के विधायक यतीश्वरानंद को बिना अनुमति लिए पंचायत घर में बैठक करने के लिए नोटिस जारी किया गया है|

इसके अलावा पुरोला के पूर्व विधायक राजकुमार को बिना अनुमति पंचायत भवन में बैठक करने और रुड़की से पूर्व विधायक प्रदीप बतरा को बिना अनुमति विज्ञापन जारी करने के मामलों में शिकायत के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। उत्तरकाशी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को नगरपालिका भवन में बैठक किए जाने की शिकायत पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

इन सभी को बिना अनुमति के बैठक करने और विज्ञापन जारी करने के मामले में पक्ष रखने को कहा गया है।