पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ माघ मेला शुरू

इलाहाबाद: संगम नगरी इलाहाबाद में हर बरस जुटने वाला माघ मेला पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ गुरुवार से शुरू हो रहा है। डेढ़ माह तक चलने वाले इस मेले के दौरान तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। मेले के दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा के साथ 24 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व तक कुल छह स्नान पर्व होंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र पर रखी जा रही है नजर

मेला प्रशासन ने स्नानार्थियों और कल्पवासियों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। स्नानार्थियों की सुविधा के लिए गंगा और संगम के किनारों पर दर्जनभर स्नानघाट बनाये गये हैं। स्नान घाटों पर जीरो डिस्चार्जटा यलेट और महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए क्लोथ चेंजिंग रूम बनाये गये हैं। सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस, पीएसी, आरएएफ और सेना मेला क्षेत्र की सुरक्षा पर नजर रखे हुए है। मेला प्रभारी आशीष कुमार मिश्रा ने पौष पूर्णिमा पर करीब 40 लाख स्नानार्थियों के गंगा और संगम में डुबकी लगाने का दावा किया है। उनका कहना है कि पौष पूर्णिमा के दूसरे दिन से मकर संक्रान्ति के स्नान के लिए भीड़ जुटेगी, जबकि जो भीड़ पौष पूर्णिमा की है, वह मकर संक्रान्ति के स्नान के बाद जायेगी। ऐसे में बृहस्पतिवार से लेकर रविवार तक करीब डेढ़ करोड़ लोगों के गंगा और संगम में डुबकी लगाने की संभावना है।

देश के कोने-कोने से आये लाखों कल्पवासी

संगम की रेती पर एक माह तक चलने वाले माघ मेले का पहला मुख्य स्नानपौष पूर्णिमा का स्नान बृहस्पतिवार की भोर से शुरू होकर देर शाम तक गंगा और संगम के दर्जनभर घाटों पर चलेगा। इस स्नान के साथ ही देश के कोने-कोने से आये हुए करीब तीन लाख कल्पवासियों का एक माह तक चलने वाला कल्पवास भी शुरू हो जाता है।

माघ मेले के दौरान दूरदराज से आकर संगम तट पर कल्पवास करने वाले साधु-संत, सन्यासी, दिव्यांगों और गृहस्थों द्वारा किये जाने वाले भजन-कीर्तन की एक झलक पाने के लिए बड़ी तादाद में विदेशी सैलानियों का भी जमघट लगा रहता है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से प्रभावित कई विदेशी भी इस दौरान ‘पुण्य लाभ’ के लिए संगम स्नान करते नजर आते हैं।