बोधगया में हुआ लामाओं का मुखौटा डांस, देखें तस्वीरें…

तिब्बती बौद्ध धर्म में किसी भी शुभ कार्य या पूजा प्रारंभ करने से पहले बौद्ध लामाओं द्वारा मुखौटा नृत्य किया जाता है। बोधगया स्थित विश्वदाय धरोहर महाबोधि मंदिर में आगामी 14 दिसम्बर से 17 वें करमापा त्रिनले थाये दोरजे द्वारा काग्यू मोनलम पूजा प्रस्तावित है।

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 इस पूजा को लेकर 17 वें करमापा इन दिनों बोधगया प्रवास पर हैं। उनके आवासन स्थल कर्मा मंदिर परिसर में शुक्रवार को लामाओं ने पूजा प्रारंभ होने से पहले मुखौटा नृत्य किया। 16 लामा विभिन्न देवी-देवता व प्रेत के आकृति का मुखौटा व वस्त्र धारण कर हाथों में वाद्ययंत्र लेकर वादन करते हुए नृत्य कर रहे थे।

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लामाओं के नृत्य का धर्मगुरु 17 वें करमापा व कई अवतारी रिनपोछे मंचासीन होकर निरीक्षण कर रहे थे। लामाओं के मुखौटा नृत्य देखने के लिए तिब्बती व करमापा के अनुयायी विदेशी बौद्ध श्रद्धालु कर्मा मंदिर में जुटे थे।

 मुखौटा नृत्य के दौरान कर्मा मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया था। पूजा आयोजन समिति के केटी डोनडूप ने बताया कि लामा मुखौटा नृत्य धर्मगुरु के सम्मान व विघ्न-बाधा को दूर करने के लिए करते हैं।

 यह किसी भी धार्मिक व शुभ आयोजन के पूर्व करने की प्राचीन परंपरा है। जिसका निर्वहन आज लामाओं द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस पूजा में शामिल होने के लिए काफी संख्या में तिब्बती बौद्ध श्रद्धालुओं के अलावे धर्मगुरु के अनुयायी विदेशी बौद्ध श्रद्धालु बोधगया आ रहे हैं। पूजा आगामी 22 दिसम्बर तक महाबोधि मंदिर में चलेगा।

 

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