भारत के शेयर बाजार ने सह लिया ने ट्रंप झटका

मुम्बई। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली पत्रकार वार्ता के पहले दुनियाभर के विशेषज्ञों को आशंका थी कि शेयर बाजारों बड़ी उठापटक देखने को मिलेगी। हालांकि ऐसी आशंकाएं बेकार साबित हुईं। लेकिन भारत की दवा निर्माता कंपनियों के शेयर जरूर दबाव में देखे गए। देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में गुरुवार को मजबूती का रुख देखने को मिल रहा है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.37 बजे 118.81 अंकों की मजबूती के साथ 27,259.22 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 28.80 अंकों की बढ़त के साथ 8,409.45 पर कारोबार करते देखे गए।
अच्छी शुरुआत
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 31.25 अंकों की मजबूती के साथ 27171.66 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 10.4 अंकों की तेजी के साथ 8,391.05 पर खुला।
दवा कंपनियों पर दबाव
देश की दवा कंपनियों पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का असर देखा गया। ज्यादातर दवा कंपनियों के शेयर नीचे चले गए। सन फार्मा का शेयर दो फीसदी से ज्यादा टूट गया। यह 13 रुपए से ज्यादा गिरकर 634 रुपए पर आ गया।
हालांकि रुपया मजबूत
दूसरी तरफ रुपया डालर के मुकाबले गुरुवार को 22 पैसे मजबूत खुला। यह तेजी काफी समय से टिकी है जिसके चलते जानकार उम्मीद कर रहे हैं कि आज रुपए की मजबूती का दिन हो सकता है। सुबह रुपया 22 पैसे मजबूत होकर डालर के खिलाफ 68.10 पर आ गया।
उधर युआन में भी मजबूती
चीन की मुद्रा युआन में गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94 आधार अंकों की बढ़त है। चाइना फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडिंग सिस्टम के मुताबिक, इसमें 94 आधार अंकों की मजबूती के साथ 6.9141 पर है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के हाजिर विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में युआन को प्रत्येक कारोबारी दिन केंद्रीय समता मूल्य से अधिकतम दो फीसदी कमजोर होने या मजबूत होने दिया जा सकता है। डॉलर के मुकाबले युआन का केंद्रीय समता मूल्य प्रत्येक कारोबारी दिन अंतरबैंक बाजार खुलने से पहले बाजार के विविध घटकों द्वारा पेश मूल्य के भारित औसत के बराबर होता है।