पाकिस्तान ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, 218 भारतीय मछुआरों को किया रिहा

गुजरात। पाकिस्तान ने शनिवार को 218 भारतीय मछुआरों को अपनी जेलों से रिहा कर दिया। वाघा बार्डर पर पहुंचे इन मछुआरों को गुजरात के मत्स्य विभाग की 6 सदस्यीय टीम को सौंप दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने इन मछुआरों को सद्धावना के कदम के तहत रिहा किया है। केआर पाटनी के नेतृत्व में गुजरात मत्स्य विभाग की टीम मछुआरों को गुजरात लाने के लिए 5 जनवरी को ही अमृतसर रवाना हो गई थी।

पाटनी ने फोन कर बताया कि 218 मछुआरों को शानिवार की सुबह वाघा बॉर्डर पर उन्हें भारत को सौंप दिया गया। इनमें से ज्यादातर मछुआरे गुजरात के विभिन्न जिलों जामनगर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, वेरवाल और नवसारी के निवासी हैं। कुछ मछुआरे दमन व दीव के रहने वाले हैं, वहीं बाकी के दूसरे राज्यों के रहने वाले हैं। पाटनी ने बताया कि मछुआरों का पहला दल शाम के समय ट्रेन से वडोदरा के लिए रवाना होगा।

पाटनी ने बताया कि उन्होंने रेलवे से अनुरोध किया है कि वह मछुआरों को अमृतसर से वडोदरा पहुंचाने के जरूरी इंतजाम करे। सभी 218 भारतीय मछुआरों को 5 जनवरी को कराची की मालीर जेल से रिहा किया गया था। उड़ी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव के बाद से यह दूसरा मौका है जब पाक ने बड़ी संख्या में भारतीय मछुआरों को रिहा किया है। इससे पहले पाकिस्तान ने 25 दिसबंर को 220 भारतीय मछुआरों को रिहा किया था।