गोरखपुर में भ्रष्‍टाचार के ख‍िलाफ कार्रवाई जारी, एंटी करप्‍शन टीम ने वर‍िष्‍ठ सहायक को घूस लेते क‍िया ग‍िरफ्तार

 एंटी करप्शन की टीम ने एआरओ कार्यालय (कलेक्‍ट्रेट स्‍थ‍ित सहायक अभिलेख अध‍िकारी कार्यालय) के वरिष्ठ लिपिक को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल पास कराने के नाम पर 10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। बलिया जिले का रहने वाला आरोपित खोराबार क्षेत्र में मकान बनवाकर रहता था। एंटी करप्शन विभाग के निरीक्षक ने लिपिक के खिलाफ कैंट थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराकर कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।

एंटी करप्शन की टीम ने कार्यालय में रंगे हाथ पकड़ा

महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो के निवासी रविन्द्र कुमार चौधरी एआरओ कार्यालय में सर्वे चेन मैन के पद पर कार्यरत हैं। अपनी पत्नी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइल पास कराने के लिए वह कई महीनों से एआरओ कार्यालय आ रहे थे। वरिष्ठ सहायक सुशील कुमार मौर्य फाइल पास कराने के नाम पर 10 हजार रुपये मांग रहा था। रविन्द्र ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन विभाग में की थी। बुधवार की सुबह एंटी करप्शन विभाग के निरीक्षक शिवमोहर यादव के नेतृत्व में दारोगा उदय प्रताप सिंह, नरेंद्र कुमार सिंह व उनकी टीम एआरओ कार्यालय पहुंची। रविन्द्र को 10 हजार रुपये लेकर वरिष्ठ सहायक सुशील कुमार मौर्य के पास भेजा।

जेल भेजा गया

रुपये लेकर जैसे ही लिपिक ने जेब में रखा एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया लिपिक मूल रुप से बलिया जिले के बैरिया थानाक्षेत्र स्थित करन छपरा गांव का रहने वाला है। खोराबार के जंगल चंवरी में मकान बनवाकर छह साल से परिवार के साथ रहता है। प्रभारी निरीक्षक कैंट शशिभूषण राय ने बताया कि एंटी करप्शन के निरीक्षक शिवमोहर की तहरीर पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से लिपिक को जेल भेज दिया गया।

स्टिंग में घूस लेते वीडियो में कैद हुआ स्वास्थ्य विभाग का लिपिक: रजिस्ट्री एवं संभागीय परिवहन कार्यालय में स्टिंग आपरेशन एवं डिकाय (प्रलोभन की जांच) के जरिए भ्रष्टाचार उजागर कराने वाले जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने स्वास्थ्य विभाग में भी स्टिंग आपरेशन कराया है। जिलाधिकारी द्वारा कराए गए स्टिंग आपरेशन में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में दिव्यांग पटल पर कार्यरत लिपिक सत्यप्रकाश शुक्ला पांच हजार रुपये घूस लेते वीडियो में कैद हुआ है। लिपिक पर एफआइआर दर्ज कराने एवं विभागीय जांच कराने के लिए जिलाधिकारी ने सीएमओ डा. आशुतोष कुमार दुबे को निर्देश दिया है। लखनऊ से लौटने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी इस मामले में एफआइआर दर्ज कराएंगे।