रूसी सेना ने पश्चिमी देशों के भेजे हथियारों के चार भंडारों समेत 40 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना 

रूसी सेना ने बीते 24 घंटे में यूक्रेन में पश्चिमी देशों के भेजे हथियारों के चार भंडारों समेत 40 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। जिन हथियार भंडारों को नष्ट किया गया है उनमें तोपें और उनके गोले भी रखे हुए थे। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि रूसी सेना यूक्रेन के रेल यातायात को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रही है। मंगलवार को उसने छह रेलवे स्टेशनों पर हमले करके उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। यूक्रेन के रेल यातायात के प्रमुख ओलेक्जेंडर कामिशिन ने बताया कि इन हमलों के चलते देश में 14 ट्रेन विलंब से चल रही हैं।

आपूर्ति बाधित करने के लिए रेलवे नेटवर्क पर भी हमला

मध्य यूक्रेन के डेनिप्रो क्षेत्र और किरोवोवाड में रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचने और कई लोगों के हताहत होने की खबर है। यूक्रेन में आमजनों के आवागमन के लिए रेलवे मुख्य साधन है। उसका पड़ोसी देशों से भी जुड़ाव है। रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन में हमलों को तेज कर दिया है तो रूस के सहयोगी बेलारूस ने बड़े सैन्य अभ्यास की घोषणा की है। करीब दस हफ्ते की लड़ाई में हजारों लोग मारे गए हैं और 55 लाख से ज्यादा यूक्रेनी नागरिक भागकर अन्य देशों में पहुंच चुके हैं। रूसी हमलों के चलते यूक्रेन के ज्यादातर शहरों को भारी नुकसान हुआ है।

मारीपोल, खार्कीव और चार्निहीव जैसे बड़े शहरों का ज्यादातर इलाका बर्बाद हो चुका है। केवल मंगलवार को ही रूसी वायुसेना ने यूक्रेन में 50 से ज्यादा हवाई हमले किए। हाल के दिनों में रूसी सेना ने पश्चिमी यूक्रेन में हमले बढ़ाए हैं। इनका मकसद पोलैंड, रोमानिया आदि के जरिये बड़ी मात्रा में आ रही विदेशी सैन्य सामग्री को निशाना बनाना है। विदेशी सामग्री को रोकने के लिए ही रूसी सेना यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क को भी निशाना बना रही है। यूक्रेन के नजदीक का समुद्र पहले से ही रूसी नौसेना के कब्जे में है।

मारीपोल के थिएटर में हुई बमबारी में 600 मरे थे

16 मार्च को मारीपोल के डोनेस्क एकेडमिक ड्रामा थिएटर पर हुई रूसी बमबारी में करीब 600 लोग मारे गए थे। यह बात बमबारी के समय थिएटर में मौजूद लोगों और वहां मौजूद मलबे को देखने से पता चली है। रूसी विमानों ने यह बमबारी तब की थी, जब थिएटर की इमारत के ऊपर उसमें चिल्ड्रेन (बच्चे) होने का बैनर लगा था। रूसी सेना का कहना था कि थिएटर की इमारत में वास्तव में यूक्रेनी लड़ाके अपना ठिकाना बनाए हुए थे।