Xiaomi ने भारतीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय पर लगाए ये गंभीर आरोप…

चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी शाओमी (Xiaomi) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर बड़ा आरोप लगाया है। शाओमी की मानें, तो प्रवर्तन निदेशालय की तरफ के जांच के दौरान कंपनी के टॉप एक्जीक्यूटिव से साथ शारीरिक हिंसा की गई। साथ ही अधिकारियों को धमकाया गया। ऐसा आरोप है कि भारत की वित्तीय अपराध की जांच करने वाली कंपनी प्रवर्तन निदेशालय ने Xiaomi के पूर्व इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर समीर बीएस राव और उसके परिवार को धमकी दी गई है कि उनकी तरफ से प्रवर्तन निदेशालय के हिसाब से बयान नहीं दिया गया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ईडी ने दी सफाई

प्रवर्तन निदेशायल की तरफ से इस तरह के सभी आरोप को निराधार करार दिया। कंपनी की मानें, तो जांच के बाद इस तरह के आरोप किसी रणनीति के तहत लगाए गए हैं। बता दें कि शाओमी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया है कि बेंगलुरू में जांच के दौरान ईडी ने शाओमी की अधिकारियों का उत्पीड़न किया है।

5,551 करोड़ रुपये बुक करने का आदेश 

बता दें कि ED ने 29 अप्रैल को भारतीय विदेशी मुद्रा कानून (फेमा) के कथित उल्लंघन पर शाओमी इंडिया के 5,551 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जब्त करने का आदेश पारित किया। हालांकि कर्नाटक हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ईडी के इस आदेश पर रोक लगा दी है। शाओमी भारत में MI ब्रांड मोबाइल फोन का कारोबार करती है। इस कंपनी पर नियमों को दरकिनार कर ब़़डी मात्रा में पैसा विदेश भेजने का आरोप है।

कब-कब हुई जांच

एजेंसी ने कहा कि शाओमी के ग्लोबाल वाइस प्रेसीडेंट मनु कुमार जैन का बयान चार मौकों, 13 अप्रैल, 14 अप्रैल, 21 अप्रैल और 26 अप्रैल को दर्ज किया गया जबकि चीफ फाइनेंसियल आफीसर समीर बी एस राव के बयान छह मौकों 25 मार्च, 14 अप्रैल, 19 अप्रैल, 21 अप्रैल, 22 अप्रैल और 26 अप्रैल को दर्ज किए गए। हालांकि, विभिन्न अवसरों पर बयान दर्ज करने के दौरान किसी भी समय उनके द्वारा कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई।