
नए श्रम कानून (चार लेबर कोड) के विरोध में आज 12 फरवरी 2026 को भारत बंद का आह्वान केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (Central Trade Unions) और कई किसान संगठनों ने मिलकर किया है। इसे धनबाद में भी सफल बनाने की मजदूर संगठनों ने तैयारी की है। कोयला उद्योग-बीसीसीएल (BCCL), ईसीएल (ECL) और सीसीएल(CCL) के साथ ही बैंक भी प्रभावित होगा।
किसने बुलाया बंद
संयुक्त मोर्चा जिसमें लगभग 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन शामिल हैं- जैसे INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC आदि। संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) और कई किसान संघों ने भी इस बंद का समर्थन किया है।
यह भारत बंद क्यों बुलाया गया है?
यह बंद नए श्रम कानूनों (लेबर कोड), भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य नीतियों के विरोध में किया गया है, जिनके खिलाफ मजदूर और किसान संगठनों का कहना है कि वे कामगारों और किसानों के हितों को कमजोर कर सकते हैं।
मुख्य प्रभावित क्षेत्र (संभावित)
- बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारियों के समर्थन के कारण बैंक शाखाओं का कामकाज सीमित या आंशिक रूप से बंद रह सकता है। - सार्वजनिक परिवहन और ट्रैफिक
राज्य परिवहन बसें, निजी बसें, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी-ड्राइवर बंद में शामिल हो सकते हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों की उपलब्धता कम हो सकती है। - सरकार कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम
सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कामकाज प्रभावित हो सकता है। - औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र
कई उद्योग, फैक्ट्रियाँ, मॉल और व्यवसाय बंद या कम संचालन के साथ सामने आ सकते हैं। - बाजार और स्थानीय दुकानें
कुछ स्थानों पर बाजार, खुदरा दुकानें और स्थानीय व्यापार बंद रहने की संभावना है। - शिक्षा संस्थान (राज्य-अनुसार)
कुछ राज्यों में स्कूल और कॉलेजों ने सुरक्षा और परिवहन बाधाओं के कारण बंद रहने का निर्णय लिया है। - कृषि और ग्रामीण कार्य
किसान और कुछ कृषि कार्यकर्ता भी बंद का समर्थन कर रहे हैं, जिससे कृषि गतिविधियों पर असर हो सकता है।
हड़ताल से निपटने को बीसीसीएल ने की तैयारी
चार लेबर कोड को लेकर 12 फरवरी को कोयला क्षेत्र में प्रस्तावित एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को देखते हुए व्यापक सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किया गया है। बीसीसीएल में करीब 32 हजार कोयला कर्मी कार्यरत है। इस बार बीसीसीएल भी हड़ताल से निपटने को लेकर सख्त व्यवस्था की है।
बीसीसीएल प्रबंधन ने मुख्यालय कोयला भवन के साथ-साथ सभी क्षेत्रीय स्तरों पर कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो देर रात से काम करना शुरू हो जाएगी। इसके लिए तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम को इसकी जिम्मेवारी दी गई है। जो हर शिफ्ट में तैनात रहेगी।
ये कंट्रोल रूम 12 फरवरी की पहली पाली से लेकर तीसरी पाली के अंत तक लगातार रिपोर्ट मुख्यालय को भेजेंगे। साथ ही हर एरिया में सीआईएसएफ की क्यूआरटी टीम तैनात की गई है। त्वरित कार्रवाई दल हड़ताल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष टीमों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
यह हड़ताल विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई है, जिसमें मुख्य रूप से एटक, सीटू , इंटक, एचएमएस सहित विभिन्न इसके समथर्क संगठन के लोग शामिल है। इस हड़ताल में भारतीय मजदूर संघ ने शामिल न होने का फैसला करते हुए कहा है कि देश हित में कोयला सेक्टर में कोयला उत्पादन व डिस्पैच जरूरी है।
काम के दौरान मिलेगी पूरी सुरक्षा
बीसीसीएल प्रबंधन इस बार कार्य स्थल पर फोटो, वीडियो के साथ सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी रखेगी। अगर कोई भी व्यक्ति श्रमिकों को जबरदस्ती हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य करते है, उसका हाजिरी बनाते है, और उन्हें रोका जाता है तो आईडी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर कोयला भवन से दिशा निर्देश दिया गया है।
कोयला उत्पादन जरूरी, हड़ताल पर न जाए कर्मीः सीएमडी
बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों से राष्ट्रहित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम पर लौटने की अपील की है। कर्मचारी हड़ताल में शामिल न हो कर काम करें। चालू वित्तीय वर्ष के उत्पादन और आपूर्ति लक्ष्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए अधिकारियों की विशेष टीमों को कार्यभार सौंपा गया है।



