राष्ट्रीय

अंबाला थाना ब्लास्ट साजिश का पर्दाफाश, 30 हजार के लालच में आरोपी बने देशद्रोही

अंबाला शहर के बलदेव नगर थाने को ब्लास्ट कर दहशत फैलाने की साजिश में गिरफ्तार अमरजीत सिंह से पूछताछ में देश की सुरक्षा से जुड़े बेहद गंभीर तथ्य सामने आए हैं। जांच में साफ हो चुका है कि यह साजिश सीमा पार बैठे लोगों की शह पर रची गई थी, जिसमें नशा और हथियारों के लालच में भारतीय नागरिकों को मोहरा बनाया गया।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपित भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान पहुंचाकर वहां से सुरक्षित बातचीत कर रहे थे। इसी नेटवर्क के जरिए ड्रोन से नशा और हथियार भारत में मंगवाए जा रहे थे। पुलिस ने मुख्य आरोपित अमरजीत सिंह का छह दिन का रिमांड लिया है, जबकि फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले सुखदेव और अंबाला के थानों की लोकेशन की रेकी करने वाले सत्यम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

अब तक इस प्रकरण में सात आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। पूछताछ में सामने आया है कि अमरजीत सिंह पंजाब बार्डर से महज छह किलोमीटर दूरी पर स्थित अपने खेत के जरिए सीमा पार बैठे लोगों के संपर्क में आया। इसके बाद उसने ड्रोन नेटवर्क के जरिए नशा और हथियार मंगवाने शुरू किए।

भेजी गई लोकेशन के अनुसार ड्रोन से खेप उतरवाई जाती थी और फिर उसे आगे सप्लाई किया जाता था। पुलिस अमरजीत सिंह की पूरी आर्थिक कुंडली खंगाल रही है। उसके बैंक खातों में हुए लेनदेन, हवाला एंगल और पाक हैंडलरों से संपर्क के डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पुलिस अमरजीत को निशानदेही के लिए फिरोजपुर ले जाने की तैयारी कर रही है, जहां ड्रोन से खेप उतरवाई जाती थी।

यह है मामला

10 जनवरी को पटियाला निवासी कर्मजीत सिंह ने बलदेव नगर थाने के पास एक मारुति कार खड़ी की थी। कार खड़ी करने की बाकायदा वीडियो बनाकर पाक हैंडलरों को भेजी गई। कार के भीतर छह छोटे गैस सिलिंडर रखे गए थे, जिनमें विस्फोटक लगाया गया था। हालांकि विस्फोट अपेक्षाकृत हल्का रहा, लेकिन समय रहते सुरक्षा एजेंसियों के सतर्क होने से बड़ा हादसा टल गया।

जांच में सामने आया कि कर्मजीत सिंह को इस काम के लिए 30 हजार रुपये का लालच दिया गया था। इससे पहले पुलिस फिरोजपुर के सगे भाई सौरभ और आकाश को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनके खातों में दो-तीन किस्तों में करीब एक लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

इन्हीं पैसों से मुक्तसर से 60 हजार रुपये में पुरानी मारुति कार खरीदी गई थी। तीनों आरोपी अंबाला के होटल में ठहरे थे। बाद में पुलिस ने जम्मू से रमन को भी गिरफ्तार किया। इस केस की गंभीरता को देखते हुए एनआईए की टीम भी जांच के लिए अंबाला पहुंची थी। विस्फोटक के सैंपल मधुबन स्थित एफएसएल भेजे गए हैं।

नन्हेड़ा से खरीदे गए थे सिलेंडर

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने अंबाला छावनी के नन्हेड़ा स्थित दुकान से तीन छोटे गैस सिलिंडर खरीदे थे। इसके अलावा जग्गी सिटी सेंटर के पास से बरामद एलसीडी के तीन लेयर, अल्ट्राटेक सीमेंट टेप लगी टूटी सीट, होटल गोल्डन आर्चिड और होटल 3एनएन के सीसीटीवी फुटेज व रजिस्टर को अहम साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया गया है।

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