अफगानिस्तान में महिलाओं को लेकर तालिबान का नया फरमान

तालिबान ने सत्ता में आने के बाद से महिलाओं से जुड़ी कई चीजों पर कड़ी पाबंदी लगा दी है। अब इस लिस्ट में गर्भनिरोधक दवाएं भी शामिल हो गई हैं। तालिबान ने गर्भनिरोधक गोलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
तालिबान सरकार ने फरमान जारी करते हुए गर्भनिरोधक दवा बेचने वाले सभी क्लीनिक बंद करने के आदेश दिए हैं। डॉक्टरों को भी गर्भनिरोधक दवा या मिसकैरेज को लेकर सख्त चेतावनी दी गई है।
तालिबान के फरमान का महिलाओं पर असर
तालिबान के राज में महिलाओं को गर्भनिरोधक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। पूरे अफगानिस्तान में गर्भनिरोधक गोलियां नहीं मिल पा रही हैं। डॉक्टरों ने भी अब हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
वहीं, कम उम्र में ज्यादा बच्चे पैदा करने के कारण अफगानिस्तान में 80 प्रतिशत महिलाएं कुपोषण का शिकार होने लगी हैं। महिलाओं में एनीमिया, विटामिन की कमी और ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो गई है।
महिला डॉक्टर और नर्सों की कमी
27 अगस्त 2024 को अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत आई, जिसके बाद 12 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के पढ़ने पर रोक लगाने, महिलाओं के बाहर निकलने और काम करने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। ऐसे में अस्पतालों में महिला डॉक्टरों और नर्सों का भी अभाव हो गया है। आलम ये है कि महिलाएं घर में ही बच्चों को जन्म देने के लिए मजबूर हैं।
अफगानिस्तान में महिलाओं पर लगी पाबंदियां
दुकान के बाहर बोर्डों पर महिलाओं की तस्वीर लगाने पर रोक
महिलाएं बिना किसी पुरुष के अकेले घर से बाहर नहीं निकल सकतीं
महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा
सभी महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य होगा
महिलाएं चेहरा और शरीर ढककर घर से बाहर निकलेंगी और सार्वजनिक स्थलों पर बोलने से बचेंगी


