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इंडिया स्टोन मार्ट 2026 का सफल समापन, वैश्विक मंच पर मजबूत हुई राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री

जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 ने राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री, स्थापत्य विरासत और वैश्विक व्यापार क्षमता को एक मंच पर प्रस्तुत किया। चार दिवसीय आयोजन में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, बी2बी संवाद, आर्किटेक्चर फेस्टिवल और पुरस्कार समारोह प्रमुख आकर्षण रहे।

राजधानी के जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर, सीतापुरा में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इंडिया स्टोन मार्ट 2026 का सफल आयोजन राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सामने आया। इस आयोजन ने व्यापार, स्थापत्य, शिल्प, तकनीक और संस्कृति को एक साझा मंच प्रदान किया।

इस अवसर पर प्रदेश के स्टोन उद्योग की वैश्विक पहचान, निवेश संभावनाओं और रोजगार सृजन की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान का पत्थर केवल निर्माण सामग्री नहीं, बल्कि विरासत और भविष्य दोनों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश में पाए जाने वाले विविध खनिज, संगमरमर और सैंडस्टोन ने भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के प्रतिष्ठित भवनों में अपनी पहचान बनाई है।

आयोजन के दौरान वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्टोन, एमएसएमई प्रोत्साहन, श्रमिक कल्याण, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी नवाचार पर विशेष ज़ोर दिया गया। स्टोन इंडस्ट्री को आधुनिक मशीनरी, वैल्यू एडिशन और निर्यात आधारित मॉडल से जोड़ने की आवश्यकता पर सहमति बनी।

इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के अंतर्गत आयोजित बी2बी मीटिंग्स और उद्योग संवाद सत्रों में देश-विदेश से आए खरीदारों, आर्किटेक्ट्स, डेवलपर्स और निर्यातकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस वर्ष आयोजन अब तक के सबसे बड़े क्षेत्रफल में आयोजित हुआ, जहां स्टोन, मशीनरी, डिजाइन और तकनीक से जुड़े सैकड़ों स्टॉल लगाए गए।

आयोजन के समानांतर जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारत और विदेशों के प्रख्यात आर्किटेक्ट्स, नीति विशेषज्ञों और छात्रों ने भाग लिया। फेस्टिवल में पारंपरिक स्थापत्य और आधुनिक आर्किटेक्चर के समन्वय, सतत विकास और शहरी नियोजन पर विचार-विमर्श हुआ। प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल, डिजाइन और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स विशेष आकर्षण रहे।

ग्रामीण गैर-कृषि विकास अभिकरण द्वारा आयोजित शिल्पग्राम ने आयोजन को सांस्कृतिक गहराई दी। इसमें विभिन्न जिलों से आए कारीगरों और शिल्पकारों ने पारंपरिक स्टोन आर्ट, हस्तशिल्प और निर्माण तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया। इस पहल को ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

समापन समारोह में राज्यपाल की उपस्थिति में 36 श्रेष्ठ स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शक, विदेशी कंपनियों और शिल्पग्राम कलाकारों को सम्मानित किया गया। इनडोर, आउटडोर, मशीनरी, स्टोन आर्ट और अंतरराष्ट्रीय श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

वक्ताओं ने कहा कि इंडिया स्टोन मार्ट 2026 ने राजस्थान की स्टोन इंडस्ट्री को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है। यह आयोजन उद्योग, सरकार और उद्यमियों के बीच संवाद और सहयोग को नई दिशा देता है। समापन अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि अगला इंडिया स्टोन मार्ट वर्ष 2028 में और अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।

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