इंदौर: नगर निगम का 8 हजार करोड़ का बजट पेश

इंदौर नगर निगम ने गुरुवार को 8 हजार 174 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने के लिए डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नर्मदा के चौथे चरण के लिए भी बड़ी राशि आवंटित की गई है।
इंदौर नगर निगम का बजट कार्यक्रम शुरू हो चुका है। गुरुवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी परिषद सभागृह अटल सदन में बजट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस साल नए टैक्स का प्रावधान नहीं किया गया है और पुराने टैक्स में भी वृद्धि नहीं की गई है। 8 हजार 174 करोड़ का बजट है जिसमें कई विकास योजनाएं हैं।
बिल घोटाले पर भिड़े नेता
बजट सत्र शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच बजट पर हंगामा हुआ, खासतौर पर फर्जी बिल घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाए। इस बार नगर निगम क्षेत्र में 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन का काम भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
बजट से पहले ही शुरू हो गया हंगामा
सुबह 11 बजे नगर निगम सभागृह सदन की कार्रवाई शुरू हुई। सभापति मुन्ना लाल यादव ने पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सदन की कार्रवाई दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने फर्जी बिल घोटाले का मुद्दा उठाया। भाजपा के पार्षद बजट के मुद्दे पर बात करने के लिए जोर देते थे और हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने कहा कि इस बार कोई नया कर नहीं लगाया और न ही कर में वृद्धि की गई है।
एक हजार करोड़ का राजस्व मिला
इस साल निगम ने एक हजार करोड़ का राजस्व एकत्र किया है। इस बार बजट में सड़क निर्माण पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। तीन साल बाद उज्जैन में लगने वाले सिंहस्थ मेले के मद्देनजर शहर में कई मार्गों को जोड़ा किया जाएगा। इंदौर में 30 से ज्यादा मास्टर प्लान सड़कों को चौड़ा किया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर ही डेढ़ हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नर्मदा के चौथे चरण के लिए भी बजट में बड़ी राशि रखी जाएगी। जलूद में नगर निगम सोलर प्लांट भी लगा रहा है।
इसके अलावा चौथे चरण के लिए पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी। इसके अलावा नगर निगम सीमा में शामिल 29 गांवों में सीवरेज और ड्रेनेज लाइन के काम होना हैै। राज्य सरकार ने भी इसके लिए राशि जारी की है। 300 करोड़ रुपये इस पर खर्च होंगे। सफाई के लिए संसाधनों की खरीदी के लिए भी स्वास्थ्य विभाग मद में पिछले साल की तुलना में ज्यादा बजट रहेगा। उधर बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेेस पार्षद दल ने भाजपा परिषद को घेरने की तैयारी की है। फर्जी बिल घोटाले के मुद्दे पर कांग्रेस पार्षद हंगामा कर सकते है।