इंदौर में ऑनर किलिंग के मामले में छह आरोपियों को हुई उम्रकैद

आठ साल पुराने ऑनर किलिंग के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रेम विवाह से नाराज युवती के परिजनों और उनके साथियों ने युवक की हत्या कर दी थी।
लव मैरिज के विवाद में युवक की हत्या (ऑनर किलिंग) के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) एवं अपर सत्र न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्र ने छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला कोर्ट में आठ वर्षों तक चला। सभी गवाहों और पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। लड़की के परिजन इस शादी से खुश नहीं थे और उन्होंने युवक की हत्या कर दी। युवक की पत्नी और एक अन्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन कोर्ट ने अन्य साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई।
कोर्ट ने हत्या के मामले में अरुण भालसे, शिवराम भालसे, राहुल पंवार, सोनू दांगे, राजेश मोये और विशाल खेडेकर को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास तथा हत्या के प्रयास के मामले में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2018 में तेजकरण ने रिंकी भालसे से प्रेम विवाह किया था। इससे नाराज रिंकी के परिजनों और उनके साथियों ने तेजकरण पर चाकुओं से हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए मोनू पर भी जानलेवा हमला किया गया था।
मुकदमे के दौरान मृतक की पत्नी रिंकी और घायल मोनू अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती आरती भदौरिया ने अन्य साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए सभी आरोपियों को हत्या और हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए दंडित किया।


