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इन 3 जिलों की प्यास बुझाएगी 3000 करोड़ की योजना, सीएम सैनी ने केंद्र के साथ किया MoU

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी की किल्लत को जड़ से खत्म करने के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। शुक्रवार (20 मार्च 2026) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में जल जीवन मिशन 2.0 के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

दक्षिण हरियाणा के लिए विशेष ‘संजीवनी’
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ दक्षिण हरियाणा के उन जिलों को मिलेगा जो लंबे समय से जल संकट झेल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों के लिए विशेष परियोजनाएं तैयार की गई हैं। वॉटर स्टोरेज टैंकों का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि गर्मियों में पानी का पर्याप्त स्टॉक रहे।
जो परिवार अभी भी पाइपलाइन से नहीं जुड़े हैं, उन्हें इस चरण में कवर किया जाएगा।

मिशन का यह दूसरा चरण वर्ष 2028 तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में ‘हर घर नल’ का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, अब सरकार का ध्यान पानी की गुणवत्ता (Quality) और दीर्घकालीन प्रबंधन (Sustainability) पर है। इसके लिए सभी 23 जिलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं और मोबाइल टेस्टिंग वैन तैनात की गई हैं।

इस 3000 करोड़ के निवेश से न केवल बुनियादी ढांचा सुधरेगा, बल्कि ‘विश्वास’ (BISWAS) पोर्टल के माध्यम से बिलिंग और शिकायतों के समाधान के लिए एक पारदर्शी प्रणाली भी लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे एक ‘जन आंदोलन’ बनाने का आह्वान किया है।

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