ओडिशा का जायका: स्वाद में बेमिसाल हैं 9 शाकाहारी व्यंजन, एक बार खाएंगे तो उंगलियां चाटते रह जाएंगे

ओडिशा न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत और भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां का खान-पान भी बेहद समृद्ध और स्वादिष्ट है। ओडिशा के व्यंजनों में मसालों का संतुलित इस्तेमाल और पारंपरिक खाना पकाने की विधियां इसे खास बनाती हैं। इसलिए अगर आप ओडिशा जाने का प्लान बना रहे हैं, तो इन 9 मशहूर शाकाहारी व्यंजनों का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें।
पखला भात
यह ओडिशा का सबसे मशहूर और पारंपरिक खाना है, जिसे खासतौर से गर्मियों में खाया जाता है। इसमें पके हुए चावल को पानी में भिगोकर हल्का फर्मेंट किया जाता है। इसे अक्सर भुनी हुई सब्जियों, बड़ी चूरा और हरी मिर्च के साथ परोसा जाता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए बेहतरीन है।
दालमा
ओडिशा के हर घर में बनने वाली दालमा पोषण से भरपूर होती है। इसमें अरहर की दाल के साथ कच्चा पपीता, बैंगन, कद्दू और शकरकंद जैसी सब्जियां डाली जाती हैं। पंच फोरन का तड़का और कद्दूकस किया हुआ नारियल इसके स्वाद को दोगुना कर देता है। इसे चावल के साथ खाना सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
छेना पोड़ा
इसे ओडिशा का ‘पनीर केक’ कहा जा सकता है। छेना, चीनी और सूजी के मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक पकाया जाता है जब तक कि इसकी ऊपरी परत भूरी और कुरकुरी न हो जाए। इसका सोंधा स्वाद आपका दिल जीत लेगा।
दही बड़ा आलू दम
कटक का यह स्ट्रीट फूड पूरे राज्य में मशहूर है। इसमें नरम दही बड़ों को मसालेदार आलू दम और घुघनी के साथ परोसा जाता है। ऊपर से बारीक कटा प्याज, धनिया और भुजिया डालकर इसका आनंद लिया जाता है। यह तीखे और खट्टे स्वाद का एक अनोखा मिश्रण है।
घंटा
‘घंटा’ एक तरह की मिश्रित सब्जी है, जिसमें अलग-अलग तरह की सब्जियां जैसे कद्दू, आलू, कच्चा केला और अंकुरित अनाज डाले जाते हैं। यह डिश खासतौर से त्योहारों के दौरान बनाया जाता है और बहुत ही पौष्टिक होता है।
बड़ी चूरा
यह एक कुरकुरा साइड डिश है। धूप में सुखाए गए उड़द दाल के पकौड़ों को भूनकर उनका चूरा बनाया जाता है और फिर उसमें कटा हुआ प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और सरसों का तेल मिलाया जाता है। इसे पखला भात के साथ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
छेना गाजा
छेना गाजा ओडिशा की एक और शानदार मिठाई है। इसे छेना और सूजी के मिश्रण को डीप फ्राई किया जाता है और फिर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। यह बाहर से थोड़ा सख्त और अंदर से बेहद रसीला होता है।
संतुला
अगर आप सादा खाना पसंद करते हैं, तो संतुला आपके लिए बेस्ट है। इसमें उबली हुई सब्जियों को बहुत कम तेल और मसालों के साथ पकाया जाता है। इसमें कच्चा पपीता, बैंगन और बीन्स का मुख्य रूप से इस्तेमाल होता है। इसे दूध के साथ या सादा बनाया जा सकता है।
रासगोला
ओडिशा के रासगोला का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। जगन्नाथ मंदिर की परंपराओं से जुड़े इस रसगुल्ले की खासियत इसका भूरा रंग और मुंह में घुल जाने वाली कोमलता है। यह बंगाल के रसगुल्ले से काफी अलग और कम मीठा होता है।


