
राजधानी के खंडगिरि इलाके में बुधवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब जयदेव वाटिका के पास दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
पिकनिक मनाने आए कुछ युवकों द्वारा एक दुकान में तोड़फोड़ किए जाने के बाद विवाद ने गुटीय संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के करीब 50 युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें 10 से अधिक लोग घायल हो गए।
घटना के बाद जयदेव वाटिका चौक सहित आसपास के चार चौक और नाका गेट तक का इलाका पूरी तरह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। सड़क पर पत्थर, डंडे और जो हाथ लगा, उसी से एक-दूसरे पर हमला किया गया। हिंसा के चलते कुछ देर के लिए यातायात भी पूरी तरह ठप हो गया, जिससे पर्यटकों और राहगीरों में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही खंडगिरि और भरतपुर थाना क्षेत्र से पांच पीसीआर वैन मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लाठी भांजकर उपद्रवियों को खदेड़ा, तब जाकर हालात काबू में आए। हालांकि, देर रात तक पुलिस किसी भी आरोपी को हिरासत में नहीं ले सकी। न तो किसी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है।
पुराना विवाद बना हिंसा की वजह
जानकारी के अनुसार, जयदेव वाटिका में कुछ युवक पिकनिक मना रहे थे। पिकनिक समाप्त करने के बाद वे बाहर आकर एक दुकान के सामने इकट्ठा हुए। बताया जा रहा है कि राजनीतिक कारणों को लेकर उक्त दुकानदार से उनका पहले से विवाद चल रहा था। इसी को लेकर युवकों ने अचानक दुकान को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी।
दुकानदार द्वारा फोन कर अपने परिचितों को बुलाने के बाद कुछ ही मिनटों में 30 से अधिक युवक मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों गुट आमने-सामने आ गए और हिंसा भड़क उठी।
पर्यटकों में दहशत, कानून-व्यवस्था पर सवाल
पर्यटन स्थल पर हुई इस हिंसक घटना को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में रोष है। लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उपद्रवियों के हौसले बुलंद हैं। इस घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



