
ओडिशा के पुरी में इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला केस मिलने पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को लेकर बात की। डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा कि पुरी जिले के मंगलपुर सीएचसी में बर्ड फ्लू का पहला मामला दर्ज किया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनका विभाग बर्ड फ्लू से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा, “पुरी जिले के पिपिली और सत्यबाड़ी ब्लॉकों में मॉनिटरिंग सख्ती से जारी है। H5N1 प्रकोप पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। एक किमी के दायरे में प्राथमिक निगरानी क्षेत्र स्थापित किया गया है। हमारा विभाग पूरी तरह से तैयार है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चला रही हैं। जरूरतमंद लोगों को टैमीफ्लू दवा और N95 मास्क दी जा रही है।” उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय के साथ सरकार सतर्क रहती है। रोकथाम उपायों के तहत लगभग 25,000 पक्षियों को मार दिया गया है।
बता दें कि पुरी में एवियन इन्फ्लूएंजा और बर्ड फ्लू के एच5एन1 प्रकार की जानकारी मिलने के बाद पांच हजार से ज्यादा मुर्गियों को मार दिया गया। दरअसल, नमूने पॉजिटिव आने के बाद सरकार ने शनिवार को फार्म और इलाके में मुर्गियों को मारने के निर्देश दिए थे।
कैसे फैलता है बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू के एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा कम होता है। पक्षियों, जंगली जानवरों और पशुओं के निकट संपर्क में आने से बचने के उपाय, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने और मास्क के माध्यम से इसके खतरे को कम किया जा सकता है। मुख्यरूप से मुर्गियों-पक्षियों के माध्यम से इसका खतरा अधिक होता है। हालांकि कुछ देशों में गायों और कच्चे दूध के कारण भी संक्रमण का खतरा देखा गया है।