
ओडिशा के कई अदालतों में धमकी भरे गुमनाम ईमेल मिलने के बाद से हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच तेज कर दी। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया।
खिलारी ऋषिकेश ज्ञानदेव ने गुरुवार को बताया कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत विशेष बम निरोधक दस्ते, खोजी दस्ते और अतिरिक्त सुरक्षा दल तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा, “सुरक्षा की दृष्टि से एक सूचना मिली थी और चूंकि यह एक संवेदनशील मामला है, इसलिए परिसर की पूरी तरह से जांच के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार मानक सुरक्षा अभ्यास किए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अभ्यास के तहत निरीक्षण जारी रखे हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि निरीक्षण जारी हैं और अधिकारी खतरे का आकलन कर रहे हैं, इसलिए आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
पुलिस जांच कर रही- पुलिस महानिदेशक
पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुराना ने बताया कि पुलिस ने कल प्राप्त गुमनाम धमकी भरे ईमेल का संज्ञान लिया है और गहन जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “एहतियात के तौर पर सभी संबंधित स्थानों पर पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।” उन्होंने जनता से घबराने की अपील की और सहयोग का आग्रह किया।
ईमेल मिलते ही, निरीक्षण के लिए उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों के परिसर से कर्मचारियों और अन्य लोगों को तुरंत बाहर निकाला गया। इस धमकी के चलते न्यायालयों में सतर्कता का माहौल बन गया और अधिवक्ताओं ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई।
धमकी मिलने के बाद से काम ठप पड़ा है
ओडिशा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रफुल्ल कुमार साहू ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बताया कि धमकी भरे पत्र के बाद काम ठप हो गया है। आपात स्थिति में यातायात प्रबंधन की समस्या पर भी चिंता जताई। साहू ने कहा, “इससे बहुत परेशानी हो रही है। हमारा काम रुका हुआ है। यह एक गंभीर मामला होने के कारण हमें जांच की कोई जानकारी नहीं है। अगर यहां बम है, तो यहां खड़ी गाड़ियों की भारी संख्या के कारण परिसर को खाली कराना मुश्किल हो सकता है, जिससे आपात स्थिति में आवागमन बेहद कठिन हो जाएगा। इसके अलावा, यहां यातायात नियंत्रण भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। इसलिए, यहां सुरक्षा व्यवस्था कडी की जानी चाहिए।




