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ओडिशा में ट्रेड यूनियनों का 12 घंटे का बंद, श्रम नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरे 10 से अधिक संगठन

केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के विरोध में 10 से अधिक श्रमिक संगठनों द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के बंद के चलते गुरुवार को पूरे प्रदेश में बंद का असर देखा जा रहा है।

सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लागू इस बंद से ओडिशा के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इस बंद को कांग्रेस और बीजद दोनों का राजनीतिक समर्थन प्राप्त है।

जानकारी अनुसार कई इलाकों में दुकानें और बाजार, स्कूल-कॉलेज, कारखाने, बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रहे। बस सेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित हुईं और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही गंभीर रूप से बाधित हुई।

परिवहन सेवाएं प्रभावित, जगह-जगह प्रदर्शन
सीआईटीयू, एआईटीयूसी, इंटक , एचएमएस और यूटीयूसी सहित प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने बंद में हिस्सा लिया। इसके अलावा विभिन्न किसान संगठन ने भी बंद को समर्थन दिया।

भुवनेश्वर में प्रदर्शनकारी सड़कों पर बसों को रोकते और पिकेटिंग करते नजर आए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। जयदेव विहार क्षेत्र में बड़ी संख्या में वाहन फंसे रहे। हालांकि, एंबुलेंस, दूध के वाहन, गैस सिलेंडर ट्रक और अन्य आवश्यक सेवाओं को जाने की अनुमति दी गई।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा,“हम मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदल दिया गया है ताकि कॉरपोरेट एकाधिकार को फायदा पहुंचे। हम मांग करते हैं कि इन संहिताओं को रद्द किया जाए।

मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है। ऐसी नीतियां लाई गईं जो जनता, किसानों, छात्रों और मजदूरों के हित में नहीं हैं। यदि इन मुद्दों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित नहीं कर रहे हैं और न ही छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक जाने से रोक रहे हैं। ये नीतियां ट्रेड यूनियनों से बिना चर्चा किए लागू की गईं।

परीक्षाओं और रेल सेवाओं पर असर
गुरुवार को होने वाली जीएनएम द्वितीय वर्ष की पेपर-3 परीक्षा को बंद के कारण स्थगित कर दिया गया है। अब यह परीक्षा 16 फरवरी को आयोजित की जाएगी।

भुवनेश्वर में प्रदर्शनकारियों के रेलवे स्टेशन में प्रवेश कर सेवाएं बाधित करने की खबर है, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। खुर्दा और कटक के बीच भी कई जगह वाहनों के फंसे होने की सूचना मिली।

लोक सेवा भवन कर्मचारियों के लिए निर्देश
ओडिशा सरकार ने लोक सेवा भवन के कर्मचारियों के लिए सख्त परामर्श जारी किया है। अधिकारियों को सुबह 9:30 बजे तक परिसर में प्रवेश करने का निर्देश दिया गया है, जबकि गेट ठीक 10:15 बजे बंद कर दिए गए। कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए कड़ी सुरक्षा और अनुपालन व्यवस्था लागू की गई है।

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