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ओडिशा में EWS बेटियों को बड़ी सौगात, ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना…

‘विकसित ओडिशा’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को पेश बजट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की बेटियों के लिए महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना’ की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि राज्य की हर बेटी कम से कम ग्रेजुएशन तक अपनी पढ़ाई पूरी करे और आत्मनिर्भर बने। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजना का प्रारूप तैयार किया गया है।

जन्म पर खुलेगा ₹20 हजार का खाता
योजना के तहत ईडब्ल्यूएस परिवार में जन्म लेने वाली प्रत्येक बेटी के नाम पर ₹20,000 की राशि जमा कर बचत खाता खोला जाएगा। यह राशि बच्ची के भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश के रूप में रखी जाएगी, ताकि शिक्षा के दौरान आर्थिक बाधा न बने।

ग्रेजुएशन के बाद मिलेगी ₹1,00,001 की सहायता
सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि जब लाभार्थी बेटी स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी कर लेगी, तब उसे ₹1,00,001 की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि उच्च शिक्षा, स्वरोजगार या अन्य रचनात्मक कार्यों में सहायक होगी।
सरकार का मानना है कि इससे न केवल बेटियों की उच्च शिक्षा दर बढ़ेगी, बल्कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी अप्रत्यक्ष रोक लगेगी।

बजट में विशेष प्रावधान
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का कुल बजट आकार ₹3.10 लाख करोड़ रखा गया है। इसमें से लगभग ₹1.80 लाख करोड़ कार्यक्रमगत व्यय के लिए, ₹1.14 लाख करोड़ प्रशासनिक व्यय के लिए तथा ₹5,375 करोड़ आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए प्रस्तावित हैं। इसी व्यापक बजट ढांचे के अंतर्गत कन्या सुमंगल योजना को शामिल किया गया है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम
राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। ओडिशा में पहले से चल रही विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं के साथ यह नई पहल बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत आधार देने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो आने वाले वर्षों में राज्य में लड़कियों की उच्च शिक्षा दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है।

मुख्य बिंदु
ईडब्ल्यूएस परिवार की नवजात बेटी के नाम ₹20,000 जमा कर खाता खोला जाएगा।
ग्रेजुएशन पूर्ण करने पर ₹1,00,001 की एकमुश्त सहायता।
उद्देश्य – उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना।
सरकार की यह घोषणा राज्य में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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