महाराष्ट्रराज्य

किसकी लापरवाही से हुआ था बारामती प्लेन क्रैश? अजित पवार की मौत पर यूरोपीय एजेंसी की रिपोर्ट में खुलासा

भारतीय चार्टर ऑपरेटर VSR वेंचर्स की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यूरोपीय एविएशन रेगुलेटर EASA (यूरोपियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी) ने इस कंपनी का थर्ड कंट्री ऑपरेटर ऑथराइजेशन एक साल से ज्यादा पहले सस्पेंड कर दिया था। वजह थी सेफ्टी से जुड़े दस्तावेज न देना। लेकिन अब इसी कंपनी का एक और Learjet क्रैश हो गया, जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम Ajit Pawar और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।

यह क्रैश पिछले हफ्ते बारामती के पास हुआ। EASA ने VSR पर ‘लेवल 1’ सेफ्टी फाइंडिंग लगाई थी, जो सबसे गंभीर कैटेगरी है। कंपनी ने बार-बार मांगे गए दस्तावेज नहीं दिए, जिससे सेफ्टी रिस्क का अंदाजा नहीं लगाया जा सका। EASA ने इस सस्पेंशन की जानकारी भारत की DGCA को भी दी थी।

VSR ने नहीं दिए सेफ्टी रिकॉर्ड्स
EASA की सस्पेंशन ऑर्डर में साफ लिखा है कि VSR ने जरूरी दस्तावेज और जानकारी नहीं दी। कंपनी ने मुंबई में सितंबर 2023 में हुए Learjet 45 एक्सीडेंट की डिटेल्स भी शेयर नहीं कीं। EASA को सेफ्टी रेकमेंडेशंस, इंटरनल जांच के नतीजे और सुधार के कदमों की जानकारी चाहिए थी, लेकिन कुछ नहीं मिला।

इस वजह से EASA अपनी मॉनिटरिंग ड्यूटी पूरी नहीं कर सकी। ऑर्डर में कहा गया है कि बिना सेफ्टी डेटा के, कंपनी की TCO रिक्वायरमेंट्स से कंप्लायंस चेक नहीं हो सकती। TCO ऑथराइजेशन यूरोपीय एयरस्पेस में लैंडिंग या ओवरफ्लाई के लिए जरूरी है, जो इंटरनेशनल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की गारंटी देता है।

रिमाइंडर भेजने पर भी नहीं मिला जवाब
EASA ने VSR को कई बार रिमाइंडर भेजे। ऑर्डर में अक्टूबर और नवंबर 2024 की पांच तारीखों का जिक्र है, जब एक्सीडेंट की जानकारी मांगी गई। लेकिन कंपनी की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं आया। EASA ने VSR को लेवल 1 फाइंडिंग पर सुधार का मौका भी दिया था।

कंपनी से रूट काउज एनालिसिस, करेक्टिव एक्शन प्लान और इम्प्लीमेंटेशन टाइमलाइन मांगी गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसी वजह से TCO सस्पेंड किया गया। VSR ने इस बारे में TOI की क्वेरी पर कोई कमेंट नहीं किया। अब सवाल उठ रहे हैं कि DGCA ने इस सस्पेंशन पर क्या एक्शन लिया और VSR को ऑपरेट करने की इजाजत क्यों दी गई।

लेवल 1 फाइंडिंग का मतलब क्या है?
EASA की सेफ्टी ओवरसाइट फ्रेमवर्क में लेवल 1 सबसे सीरियस नॉन-कंप्लायंस है। यह तब लगता है जब सेफ्टी रिस्क को खारिज नहीं किया जा सकता या ऑपरेटर रेगुलेटरी ओवरसाइट में सहयोग नहीं करता। VSR के मामले में दोनों ही बातें लागू होती हैं। कंपनी ने न सिर्फ दस्तावेज छिपाए, बल्कि एक्सीडेंट की जांच में भी मदद नहीं की।

Related Articles

Back to top button