झारखंडराज्य

कोयल नदी पुल में दरार से रांची-टोरी रेल लाइन ठप, लोहरदगा की लाइफलाइन पर संकट

रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड लोहरदगा और आसपास के इलाकों के लिए लाइफलाइन माना जाता है। इस रूट पर चलने वाली लोहरदगा-रांची और रांची-लोहरदगा मेमू पैसेंजर ट्रेनों से हर दिन लगभग आठ हजार यात्री सफर करते हैं। इसके अलावे सासाराम एक्सप्रेस और राजधानी का लाभ यात्रियों को मिलता है। ट्रेन परिचालन ठप होने के बाद इन यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अचानक ट्रेन रुकने की सूचना मिलते ही लोहरदगा स्टेशन और आसपास के इलाकों में यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। मजबूरी में लोग बसों और अन्य निजी वाहनों की ओर दौड़ पड़े, जिससे बस स्टैंड और सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी। लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया।

वहीं, लोहरदगा बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ लग गई। रांची-लोहरदगा-टोरी रेल लाइन पर कोयल नदी पर बने रेलवे पुल संख्या 115 के पिलर संख्या चार और पांच में दरार पाई गई। रेलवे के इंजीनियरिंग स्टाफ ने रविवार सुबह करीब 10.10 बजे इस पुल से ट्रेन का परिचालन रोक दिया।

बताया जा रहा है कि एक पिलर में पहले से ही दरार थी, लेकिन उसकी मरम्मत या गहन जांच नहीं की गई। बाद में दूसरे पिलर में भी दरार आने के बाद मामला गंभीर हो गया और ट्रेन संचालन पूरी तरह से रोकना पड़ा।

नगजुआ रेलवे स्टेशन तक ही मेमू
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि पुल के क्षतिग्रस्त होने की आशंका के बावजूद राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस को उसी मार्ग से गुजारा गया। यह रेलवे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।

हालांकि बाद में रांची-लोहरदगा मेमू तीन ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया गया, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। अब नगजुआ रेलवे स्टेशन तक ही मेमू का परिचालन होगा। लोहरदगा तक फिलहाल कोई ट्रेन नहीं आएगी।

ट्रेन कैंसल, रुट भी बदला गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने कई अहम फैसले लिए हैं। रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को फिलहाल अपने नियमित मार्ग लोहरदगा के बजाय मेसरा-बरकाकाना-टोरी होकर चलाने का निर्णय लिया गया है। वहीं रांची-सासाराम एक्सप्रेस को पांच से सात जनवरी तक रांची से कैंसल कर दिया गया है, जबकि सासाराम-रांची एक्सप्रेस को छह से आठ जनवरी तक रद्द किया गया है।

इसके अलावा, पांच से सात जनवरी तक चलने वाली मेमू पैसेंजर ट्रेनों को रांची से नगजुआ तक ही सीमित कर दिया गया है। लोहरदगा स्टेशन तक कोई भी ट्रेन नहीं आएगी। रेलवे के अनुसार, आगामी सात जनवरी तक लोहरदगा स्टेशन में रेल परिचालन बाधित रहेगा। कुछ अधिकारियों का मानना है कि मरम्मत और सुरक्षा जांच के आधार पर यह अवधि बढ़कर दस दिन तक भी हो सकती है।

रेल परिचालन बंद होने से लोहरदगा, गुमला, डाल्टेनगंज और आसपास के इलाकों के यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। रेलवे को इस पर ध्यान देना चाहिए। -साक्षी कुजर, रेल यात्री

रेलवे को पुलों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो। राजधानी रद्द होने से काफी परेशानी हुई। उन्हें टिकट रद्द करनी पड़ी -संजय साहू, रेल यात्री

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