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खैबर पख्तूनख्वा से पंजाब प्रांत तक आतंक का साया, पुलिस वैन पर हमले से सात की मौत

खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में पुलिस पर घात लगाकर हुए हमले में छह जवान और एक नागरिक की मौत हो गई। पंजाब के बुकर में आत्मघाती धमाके में दो और पुलिसकर्मी मारे गए। हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हिंसा बढ़ी है।

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में पुलिस पर हुए दोहरे हमले ने सुरक्षा हालात पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में संदिग्ध आतंकियों ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाकर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में कम से कम छह पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पहला हमला कोहाट में एक पुलिस वाहन पर किया गया, जिसमें एक अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही मिनट बाद जब अतिरिक्त पुलिस बल वहां पहुंचा तो हमलावरों ने दोबारा हमला कर दिया। इस दूसरी घात में पांच और पुलिसकर्मी तथा एक नागरिक मारे गए। हमलावर घटना के बाद फरार हो गए और इलाके में सर्च अभियान शुरू किया गया है।

बुकर में आत्मघाती धमाका
इसी दिन पंजाब प्रांत के बुकर जिले में एक पुलिस चौकी पर आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस विस्फोट में दो पुलिस अधिकारियों की मौत हुई और चार अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि हमले की जांच जारी है और अभी किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित आतंकी नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।

कराक में पहले भी हमला
सोमवार को कराक इलाके में एक अर्धसैनिक चौकी पर विस्फोटकों से लदे ड्रोन से हमला किया गया था। इस हमले में कई अधिकारी घायल हुए। बाद में घायलों को ले जा रही एंबुलेंस पर भी घात लगाकर हमला किया गया, जिसमें तीन अधिकारियों की मौत हो गई और उनके शव जला दिए गए। एक एंबुलेंस चालक खुद झुलसने के बावजूद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सफल रहा। इन घटनाओं ने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है।

टीटीपी पर गहराता शक
हालिया हमलों की जिम्मेदारी किसी समूह ने नहीं ली है, लेकिन शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी पर जताया जा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन से काम करते हैं, हालांकि टीटीपी और काबुल इस दावे से इनकार करते हैं। रविवार को पाकिस्तानी सेना ने अफगान सीमा के पास कार्रवाई कर 70 आतंकियों को मार गिराने का दावा भी किया था।

राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमलों की निंदा की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि हाल के हमलों से स्पष्ट है कि उग्रवादी समूह फिर सक्रिय हो रहे हैं। सीमा पार कार्रवाई और आतंकी हमलों के बीच पाकिस्तान में सुरक्षा हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

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