पंजाबराज्य

गैस संकट के बीच कमर्शियल सिलैंडरों की सप्लाई को लेकर राहत भरी खबर

लुधियाना: कमर्शियल गैस सिलैंडरों की बिक्री पर पूर्ण रूप से विराम लगाने के बाद अब केंद्रीय पैट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों पर अमल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा आम परिवारों में होने वाली बच्चे-बच्चियों की विवाह-शादियों के लिए नियमों के मुताबिक 19 किलो ग्राम वाले कमर्शियल सिलैंडर की नियमों के मुताबिक सप्लाई शुरू कर दी गई है। ताकि विवाह-शादियों वाले घरों में मनाए जाने वाली खुशियों को किसी भी रूप से एल.पी.जी. गैस की किल्लत न आए।

इसके लिए संबंधित परिवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में या फिर उनके द्वारा गठित की गई टीम के साथ संपर्क कर विवाह-शादी का निमंत्रण कार्ड और अपनी जरूरत के हिसाब से कमर्शियल गैस सिलैंडर लेने के लिए एक आवेदन पत्र देने की जरूरत है। इसके तुरंत बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम द्वारा संबंधित गैस एजैंसी को शादी वाले परिवार को गैस सिलैंडर जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे। हालांकि इससे पहले गैस सिलैंडर की भारी किल्लत पैदा होने के कारण कैटरिंग करने वाले हलवाइयों द्वारा विवाह-शादियों के नए आर्डर तक पकड़ने से साफ इनकार किया जा रहा था और पुराने ऑर्डर भुगताने के लिए हलवाइयों द्वारा डीजल की भट्टी, लकड़ी और कोयले को ईंधन के रूप में जलाने का विकल्प तलाशा गया है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की परवानगी के बाद उनकी टीम द्वारा शादी वाले 6 परिवारों को 2-2 गैस सिलैंडरों के हिसाब से कुल 12 गैस सिलैंडर जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शादी वाले घर में 19 किलो वाले दो सिलैंडर दिए जा रहे हैं। तो वहीं अस्पतालों और औद्योगिक घरानों में लेबर के खाने के लिए बनी कैंटीनों में भी खाना पकाने के लिए कमर्शियल गैस कंट्रोल की सप्लाई मुहैया करवाई जा रही है और इसके अतिरिक्त होटल, रैस्टोरैंट और ढाबों आदि में भी कमर्शियल गैस सिलैंडर की महीना वार जरूरत का आंकड़ा लेकर 20 फीसदी तक एल.पी.जी. गैस का कोटा उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि उनका व्यापार प्रभावित न हो।

कंट्रोलर चीमा ने बताया कि गत दिनों प्राप्त हुए 250 आवेदन पत्रों को ध्यान में रखते हुए संबंधित कारोबारी को 3500 कमर्शियल गैस सिलैंडरों का कोटा जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार और जिला प्रशासन आम जनता के कंधे के साथ कंधा मिलाकर खड़ा है और किसी भी वर्ग को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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