
यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाली स्लीपर बसों पर शनिवार को प्रशासन का डंडा चला। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर मानगो बस स्टैंड में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली 17 स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की इस संयुक्त छापेमारी का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) धनंजय, ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार और मोटरयान निरीक्षक सूरज हेम्ब्रम ने किया। टीम ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा निर्धारित एआइएस-052 और एआइएस-119 सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की।
बसों को नियमों के अनुरूप दुरुस्त करने का निर्देश
जांच के दौरान कई बसों में आपातकालीन सुविधाओं और निर्माण मानकों की अनदेखी पाई गई। डीटीओ ने दोषी बस मालिकों को नोटिस जारी करते हुए कड़ी चेतावनी दी है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपनी बसों को नियमों के अनुरूप दुरुस्त करें।
सुधार न होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की जान सुरक्षित रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सुरक्षित सफर के लिए एआइएस मानकों का पालन अनिवार्य
सड़क परिवहन मंत्रालय के एआइएस-052 मानक बसों के मजबूत ढांचे और आपातकालीन द्वारों की बनावट तय करते हैं। वहीं एआइएस-119 विशेष रूप से स्लीपर कोच के लिए है, जो बर्थ के सही आकार और गलियारे की पर्याप्त चौड़ाई सुनिश्चित करता है ताकि आपात स्थिति में निकासी सुगम हो।
ये मानक बसों में अग्निरोधी सामग्री के उपयोग और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इनका उल्लंघन करना यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा साबित होता है।




