
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में एक मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अमले और पुलिसकर्मियों पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने पांच उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 25 अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बुधवार सुबह चांदनी महल थाने में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तनाव के मद्देनजर इलाके में अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में काशिफ, मो. कैफ, मो. अरीब, अदनान व समीर शामिल हैं।
सीसीटीवी कैमरों से अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में भीड़ जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। जोन के उपायुक्त विवेक अग्रवाल ने बताया, हाईकोर्ट के आदेश पर पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में मंगलवार देर रात अभियान चलाकर फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास करीब 36 हजार वर्गफीट जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई।
इस दौरान एमसीडी की भूमि पर बने अवैध बैंक्वेट हॉल, एक डिस्पेंसरी व सामुदायिक भवन को ध्वस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने इसे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण घोषित किया था।
रामपुर के सपा सांसद नदवी पर लगे भड़काने के आरोप
यूपी के रामपुर के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर भीड़ को भड़काने के आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। वहीं, आरोपों को गलत बताते हुए नदवी ने कहा कि वह लोगों से अमन और शांति की अपील करने गए थे। नदवी ने कहा, कार्रवाई से पहले मस्जिद कमेटी को समय दिया जाना चाहिए था।
मोहिबुल्लाह नदवी ने तुर्कमान गेट पर की थी मीटिंग
दरगाह फैज इलाही पर एमसीडी के एक्शन से पहले यूपी, रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने तुर्कमान गेट इलाके में पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। मध्य रेंज के संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ लोगों के बुलाने पर सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी मंगलवार देर रात करीब 11.15 बजे तुर्कमान गेट पर आए थे।
इस दौरान उन्होंने कई लोगों से मुलाकात की। करीब एक घंटे रुककर वह लोगों से मिले। करीब 12 बजे वह वापस रामपुर लौट गए। पुलिस पता लगाने का प्रयास रही कि मीटिंग के दौरान क्या हुआ और कौन-कौन इसमें शामिल थे। पुलिस जल्द ही सांसद और मीटिंग में मौजूद लोगों को बुलाकर पूछताछ कर सकती है।
सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का उपद्रव
पुलिस ने बताया कि उपद्रव तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की गई कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान तुर्कमान गेट के सामने मस्जिद को गिराया जा रहा है। इसके बाद 30 से 35 उपद्रवियों ने एमसीडी के खिलाफ नारे लगाने शुरू किए और पथराव कर दिया। उपद्रव के बीच भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए गए। पुलिस सोशल मीडिया के जरिये भीड़ को उकसाने वालों की तलाश कर रही है।
पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 5000 से अधिक जवान तैनात
तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार देर रात हुए एक्शन के बाद पूरे एरिया में भारी पुलिस का तैनात कर दिया गया है। पुलिस पूरे हालात पर नजर रखे हुए है। फिलहाल एहतियात के तौर पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 5000 जवानों को तुर्कमान गेट और उसके आसपास तैनात किया गया है। पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है। 24 घंटे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। लगातार एरिया के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
सुरक्षा बलों के घेरे में पूरा क्षेत्र, चप्पे-चप्पे पर नजर
रामलीला मैदान के पास दरगाह फैज-ए-इलाही पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान पूरा तुर्कमान गेट इलाका छावनी में तब्दील रहा। मंगलवार देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर पूरे एरिया की घेराबंदी कर दी। चप्पे-चप्पे पर नजर रही। एरिया में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। बुधवार सुबह ज्यादातर लोग घरों में कैद रहे। नगर निगम की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
बीएनएस की इन धाराओं में मामला दर्ज
बुधवार सुबह पुलिस ने बीएनएस की धारा 221/132/121/191(2)/191(3),223(A)/3(5) और 3 पीडीपीपी एक्ट-1984 (सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी पर हमला, गंभीर चोट पहुंचाने, बलवा, हथियार लेकर बलवा करने, सरकारी आदेश का उल्लंघन, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया के जरिये भीड़ उकसाने वालों की तलाश शुरू
पुलिस सीसीटीवी कैमरों के अलावा बॉडी वॉर्न कैमरों की मदद से उपद्रव करने वालों की पहचान करने के प्रयास कर रही है। उपद्रव के बीच सोशल मीडिया पर लोगों ने भीड़ को उकसाने के लिए खूब वीडियो शेयर किए। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिये भीड़ को उकसाया।
सोशल मीडिया पर अफवाहें
तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही पर नगर निगम के एक्शन के बाद मंगलवार शाम से ही सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। देर रात जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अफवाह फैलानी शुरू कर दी। कुछ एडिटेड वीडियो के जरिये अवैध अतिक्रमण की जगह मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैलाई गई। बवाल के वीडियो बनाकर लोगों ने मस्जिद बचाने की अपील करते हुए लाइव वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर शुरू कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बवाल के लिए इन वीडियो ने आग में घी का काम किया और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। बवाल के वीडियो भी शेयर किए जाने लगे। इन सोशल मीडिया के बीच पुलिस ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि मस्जिद पर एक्शन नहीं हो रहा बल्कि अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ऐसे वीडियो के आधार पर इन्हें शेयर करने वालों की पहचान करने में जुटी है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं ऐसा तो नहीं था अतिक्रमण हटाने की ड्राइव के दौरान जानबूझकर शरारती तत्वों ने हिंसा को भड़काने का प्रयास तो नहीं किया।
बड़ी मस्जिद पर लगा रहा ताला, नहीं हुई नमाज
तुर्कमान गेट के पास अतिक्रमण ढहाने के बाद दरगाह फैज-ए-इलाही की मस्जिद और तुर्कमान गेट की बड़ी मस्जिद में बुधवार को नमाज अदा नहीं की गई। इन इलाकों में पुलिस ने आम लोगों के आने-जाने पर पाबंदी लगाई हुई थी। ऐसे में यहां कोई नमाज पढ़ने नहीं पहुंचा।
बड़ी मस्जिद पर तो ताला लगा हुआ था। पुरानी दिल्ली की अधिकतर बाजार भी बंद रहे। डर के चलते लोग अपने घरों में कैद रहे। पुलिस ने रणजीत सिंह मार्ग, आसफ अली रोड, तुर्कमान गेट बड़ी मस्जिद रोड समेत आसपास के कई इलाकों में आम लोगों की आवाजाही बंद रखी।
मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित, पत्थरबाजी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : सूद
तुर्कमान गेट इलाके में फैज ए इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना पर गृह मंत्री आशीष सूद ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अदालत के निर्देशों के तहत की जा रही थी और मस्जिद को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।
मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पत्थरबाजी स्वीकार्य नहीं है। मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी उकसावे में न आएं और शांति बनाए रखें। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और शरारती तत्वों की पहचान में प्रशासन का सहयोग करने की जरूरत है।




