
दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय महाविद्यालय में चल रहे वार्षिक फेस्ट के दौरान प्रवेश द्वार पर भारी अव्यवस्था के कारण मची भगदड़ और उसके बाद दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग ने विवाद खड़ा कर दिया है।
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
परिषद का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समुचित व्यवस्था न होने के कारण स्थिति बिगड़ी, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं।
लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत निंदनीय
अभाविप दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा है कि महाविद्यालय के सांस्कृतिक उत्सव में छात्रों पर लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालय परिसर ज्ञान और रचनात्मकता का केंद्र होता है, जहां इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति स्वाभाविक है।
भीड़ प्रबंधन की पुख्ता योजना बनाई जाए
अभाविप ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस इस घटना का संज्ञान लेते हुए लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर उचित कार्रवाई करे। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की गई है कि आगामी फेस्ट में भीड़ प्रबंधन की पुख्ता योजना बनाई जाए, जिसमें प्रवेश और निकास द्वारों की संख्या बढ़ाना और बिना पहचान पत्र के प्रवेश रोकना शामिल हो।
वहीं, आगामी आयोजनों को सुरक्षित बनाने के लिए संगठन ने प्रशासन से आपातकालीन नियंत्रण तंत्र, एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
सार्थक शर्मा के अनुसार, यदि व्यवस्थाएं पहले से सुदृढ़ होतीं तो छात्रों पर बल प्रयोग की नौबत ही नहीं आती। परिषद का मानना है कि छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती और प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा के लिए जवाबदेह होना चाहिए। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की ओर से किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिली है।





