
दिल्ली में ईद-उल-फितर के मौके पर जामा मस्जिद में नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और अन्य प्रमुख स्थानों पर ड्रोन, एआई-आधारित निगरानी और अतिरिक्त बल के साथ फ्लैग मार्च किया गया।
आज पूरे देश में ईद का त्योहार मनाया जा रहा है। दिल्ली समेत पूरे एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में ईद-उल-फितर के मौके पर हजारों नमाजियों ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी, वहीं बच्चों और बड़ों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई। पवित्र माह रमजान के समापन पर मनाया जाने वाला यह त्योहार आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन ने ईद-उल-फितर पर मस्जिद में नमाज अदा की।
दिल्ली की जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद समेत कई मस्जिदों में ईद मनाने का एलान हुआ। जिसके बाद आज सुबह जामा मस्जिद में लोगों ने ईद की नमाज अदा की।
चांद दिखाई देने के बाद जामा मस्जिद, फतेहपुरी मस्जिद और हजरत निजामुद्दीन दरगाह के आसपास रौनक बढ़ गई। चांदनी चौक, जामा मस्जिद और ओखला जैसे बाजारों में देर रात तक ईद की आखिरी खरीदारी हुई।
लोग सेवइयां, नए कपड़े, इत्र, टोपी, कुर्ता और मिठाई खरीदते नजर आए। बच्चों में नए कपड़ों और जूतों को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। सेवई और खजूर कारोबारियों को रमजान में अच्छा मुनाफा हुआ, जिससे उनकी ईद की खुशी दोगुनी हो गई है।
ईद केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और मोहब्बत का भी प्रतीक है। यह जरूरतमंदों की मदद करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। अकीदतमंदों ने फितरा और जकात (दान) देकर यह सुनिश्चित किया है। इससे समाज का हर तबका इस खुशी में शामिल हो सके। एक-दूसरे के गले मिलकर दूरियां मिटेंगी और मोहब्बत का पैगाम हर घर तक पहुंचेगा।
फतेहपुरी मस्जिद में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए एकत्र हुए। दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने नमाज अदा की। शाहनवाज हुसैन ने ईद के मौके पर सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ईद का त्योहार खुशियों का प्रतीक है। हुसैन ने भारत की तरक्की और आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर रहने की दुआ मांगी।
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी यासिर जिलानी ने भी पार्लियामेंट स्ट्रीट मस्जिद में नमाज अदा की। उन्होंने ईद के मौके पर भारत की जनता को बधाई दी। जिलानी ने भारत में शांति, सुरक्षा और सद्भाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया के ज्यादातर मुस्लिम देश युद्ध के साए में ईद मना रहे हैं, जबकि भारत में शांति है। राज्यसभा के पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब ने भी ईद को एक अहम और खुशी का दिन बताया। उन्होंने कहा कि 30 दिनों की इबादत के बाद यह त्योहार मनाया जाता है। रमजान का महीना रूह को पाक करने और प्यार का पैगाम देने का अवसर है।
ईद की तारीख कैसे तय होती है?
ईद-उल-फितर का त्योहार इस्लामी कैलेंडर के अनुसार चाँद पर आधारित होता है। यह रमजान के खत्म होने के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है। इसकी तारीख हर साल चाँद के दीदार के आधार पर बदलती रहती है।
ईद की तारीख तय करने का मुख्य तरीका चाँद का दिखना है। यदि रमजान के 29वें दिन चाँद नजर आता है, तो अगले दिन ईद मनाई जाती है। अगर चाँद नहीं दिखता, तो रमजान 30 दिनों का पूरा होता है और उसके बाद ईद होती है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चाँद दिखने का समय भिन्न होता है। इसलिए, विभिन्न देशों में ईद अलग-अलग दिनों में हो सकती है। कई इस्लामी देश चाँद देखने के लिए आधिकारिक समितियां बनाते हैं। कुछ लोग सऊदी अरब की घोषणा के आधार पर भी ईद मनाते हैं। ईद की सही तारीख का फैसला चाँद के दीदार के बाद ही किया जाता है।
ईद-उल-फितर कैसे मनाते हैं?
ईद-उल-फितर खुशियों, मोहब्बत और आपसी भाईचारे का त्योहार है। इस दिन की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर नहाने और नए कपड़े पहनने से होती है। लोग मस्जिदों और ईदगाहों में जाकर ईद की नमाज अदा करते हैं। नमाज के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं। इसे मीठी ईद भी कहते हैं, क्योंकि घरों में सेवइयाँ और स्वादिष्ट पकवान बनते हैं।
दोस्त, रिश्तेदार और पड़ोसी एक-दूसरे के घर जाते हैं और मिठाइयों का आदान-प्रदान करते हैं। बच्चे बड़ों से ईदी के रूप में पैसे या तोहफे पाते हैं। ईद का असली उद्देश्य केवल खुद खुश होना नहीं है। लोग फितरा यानी दान देकर गरीबों और बेसहारा लोगों को भी इस खुशी में शामिल करते हैं। यह त्योहार जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है।
एनसीआर में अलग-अलग मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा की
गुरुग्राम में मुस्लिम समुदाय का पवित्र पर्व ईद-उल-फितर के अवसर पर अलग-अलग मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा की गई। पटौदी के ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज पढ़ते हुए। वहीं नोएडा सेक्टर 8 जामा मस्जिद में ईद की नमाज पढ़ी गई इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को गले मिलकर बधाई दी।





