
दिल्ली पुलिस ने तफ्तीश के लिए पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और इसमें सफलता भी मिली। नौ जनवरी को गायब बच्ची की तलाश के लिए पुलिस ने पहले स्निफर डॉग स्क्वाड की मदद भी ली लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर ड्रोन के जरिये बच्ची को तलाश गया तो उसका शव नाले में फंसा मिला। आरोपी का अब तक पता नहीं चला है।
राहिणी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार रोहिणी के प्रेम नगर थाना क्षेत्र में विद्यापति नगर, इंदर एन्क्लेव, फेज-दो, किराड़ी, दिल्ली की रहने वाली एक महिला से 9 जनवरी को शिकायत मिली थी। महिला ने शिकायत की थी कि उसकी चार साल की बेटी या तो लापता है या किसी ने उसका अपहरण कर लिया है। प्रेम नगर थाना पुलिस के सिपाही राहुल, कमल और प्रवीण ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ।
आखिरकार हवलदार देवेंद्र नासिर, हवलदार संदीप, हवलदार पंकज राजा और हवलदार विकास की टीम ने ड्रोन का सहारा लिया। ड्रोन से चार वर्ष की बच्ची का शव 12 जनवरी को विद्यापति नगर के पास एक नाले में मिल गया। शव नाले के बीच में दलदल में फंस गया था और दूर से दिखाई नहीं दे रहा था। पोस्टमार्टम कराकर बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
ड्रोन का आइडिया ऐसे सामने आया
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि प्रेम नगर इलाके में काफी नाले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर नाले पूरे तरह भरे हुए हैं। ऐसे लगा कि बच्ची किसी नाले में गिर सकती है। ऐसे में ड्रोन से नाले में तलाशी लेने का फैसला किया गया।
डूबने से हुई है मौत
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि बच्ची के शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिल गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लगा कि बच्ची की डूबने से मौत हुई है। बताया जा रहा है कि बच्ची दिमागी रूप से कमजोर थी। हो सकता है वह चलते-चलते नाले में गिर गई हो।


