पंजाबराज्य

नाै जिलों में आरक्षण रोस्टर को मंजूरी, घग्गर और सतलुज के आसपास गाद निकाल सकेंगे किसान

कैबिनेट में दि पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 के नियमों में संशोधन किया गया। जब पंचायत समिति व जिला परिषद बनी थी। उस समय तय किया था जब किसी जिले या तहसील या ब्लॉक सीमा घटेगी या बढ़ेगी तो उस समय रिजर्वेशन की तबदीली की जा सकती है।

पंजाब सरकार की मंत्रिमंडल की बैठक शुक्रवार को सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई। इस दाैरान विभिन्न एजेंडों पर मंत्रियों और अफसरों ने मंथन किया।

कैबिनेट की बैठक के बाद वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि छह जिलों मोहाली, पटियाला, फाजिल्का फिरोजपुर, मलेरकोटला और संगरूर के आरक्षण रोस्टर में बदलाव को पंजाब कैबिनेट की मंजूरी दे दी गई। अब लोगों से इस पर आपत्तियां मांगी गई हैं। 10 दिन के भीतर लोग आपत्तियां दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि दि पंजाब पंचायती राज अधिनियम 1994 के नियमों में संशोधन किया गया। जब पंचायत समिति व जिला परिषद बनी थी। उस समय तय किया था जब किसी जिले या तहसील या ब्लॉक सीमा घटेगी या बढ़ेगी तो उस समय रिजर्वेशन की तबदीली की जा सकती है।

चीमा ने बताया कि सतलुज और घग्गर नदी के कई इलाकों में गाद निकालने मंजूरी भी दी गई है।। वित्तमंत्री ने कहा हरशा बेला रोपड़, मंडाला ताजोबाल, बाढ़ाकाली राउन, रुकनेवाला, खैहराबाल और डेराबस्सी में पड़ने वाले नदी क्षेत्र में गाद निकालने की बहुत ज्यादा जरूरत थी। इसलिए सरकार ने इन नाै जगहों पर डिसिल्टिंग की मंजूरी दे दी है। इसका मकसद इन नदियों के आसपास पड़ने वाले क्षेत्रों को बाढ़ जैसे हालातों से बचाया जा सके। जहां-जहां किसान की जमीन आती है, वह अपने स्तर पर पर डिसिल्टिंग कर पाएंगे लेकिन उससे पहले इसकी मंजूरी किसानों को लेनी पड़ेगी।
राघव चड्ढा पर किए एक सवाल के जवाब में चीमा ने कहा जो पीठ दिखाकर भागते हैं, उन्हें लोग पसंद नहीं करते।

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