
एमसीडी पार्षदों के फंड बढ़ाकर दो करोड़ तक करने की तैयारी कर रही है। बुधवार को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को औपचारिक रूप से मंजूरी देने के दौरान स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने इसके संकेत दिए हैं। बजट में पार्षदों के स्थानीय विकास कार्यों के लिए मिलने वाली निधि में बड़ा इजाफा किया गया है, जिससे अब उन्हें फंड की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
निगम पार्षदों को अभी तक एक करोड़ 55 लाख रुपये की राशि मिलती थी। इस बढ़ोतरी से पार्षद अपने-अपने वार्डों में विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगे और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे। बजट में महापौर विवेक सहायता निधि और स्थायी समिति अध्यक्ष विवेक सहायता निधि को भी बढ़ाया गया है। इन दोनों मदों से भी पार्षदों को विकास कार्यों के लिए धनराशि मिलने की सुविधा होगी।
इससे माना जा रहा है कि पार्षदों को केवल इन तीन प्रमुख मदों से ही नहीं, बल्कि अन्य 12 से अधिक मदों से भी लाखों रुपये खर्च करने को मिलेंगे। इन सभी मदों को मिलाकर बजट में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान है। इस फंड से सड़कों और गलियों के निर्माण व मरम्मत, नाले-नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट लगवाने, पार्कों के रखरखाव, जलभराव से निपटने और सफाई सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे कार्यों पर किया जाएगा। कई साल से पार्षद कम फंड मिलने की शिकायत करते थे। सड़कें, गलियों, स्ट्रीट लाइट व सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें थीं। उम्मीद है कि पार्षदों को पर्याप्त बजट मिलेगा।
28 जनवरी को पेश होगा बजट
स्थायी समिति अध्यक्ष ने बताया कि एमसीडी का बजट 28 जनवरी को सदन में पेश होगा। सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझावों को बजट में शामिल किया है। एमसीडी की वर्तमान परिस्थितियों के लिहाज से बजट को अंतिम रूप दिया गया है।





