उत्तरप्रदेशराज्य

पीएम मोदी बोले: भारत में होंगे 2030 के राष्ट्रमंडल खेल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 11 जनवरी तक चलने वाली 72वें नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें वाराणसी से सांसद होने के नाते सभी खिलाड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करते हुए प्रसन्नता हो रही है। पिछले एक दशक में भारत ने कई शहरों में 20 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की है। इनमें फीफा अंडर-17 विश्व कप, हॉकी विश्व कप और प्रमुख शतरंज टूर्नामेंट शामिल हैं। 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत में होंगे। 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 से विभिन्न खेलों में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। उन्हें जेन-जेड खिलाड़ियों को मैदान पर तिरंगा फहराते देखकर गर्व महसूस होता है। खिलाड़ी अथक परिश्रम के बाद इस राष्ट्रीय मुकाबले तक पहुंचे हैं। आने वाले दिनों में वाराणसी के मैदान पर उनके परिश्रम की परीक्षा होगी। देश के 28 राज्यों की टीमें एकत्रित हुई हैं जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सुंदर चित्र प्रस्तुत करती है।

वाराणसी खेल प्रेमियों का शहर, बीएचयू, विद्यापीठ और यूपी कॉलेज का जिक्र
प्रधानमंत्री ने नम: पार्वती पतये हर-हर महादेव के साथ संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि बनारस की एक स्थानीय कहावत है, बनारस के जानल चाहत हउआ, त बनारस आवे के पड़ी…। खिलाड़ी अब वाराणसी पहुंच चुके हैं। शहर को अच्छी तरह जान लेंगे। वाराणसी खेल प्रेमियों का शहर है जहां कुश्ती, कुश्ती के अखाड़े, मुक्केबाजी, नौका दौड़ और कबड्डी बहुत लोकप्रिय हैं। वाराणसी ने कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसे संस्थानों के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ज्ञान और कला की खोज में आने वाले सभी लोगों का वाराणसी स्वागत करता आया है। वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान वाराणसी का उत्साह बरकरार रहेगा। खिलाड़ियों को उनका उत्साहवर्धन करने के लिए दर्शक मिलेंगे और वे वाराणसी की समृद्ध आतिथ्य सत्कार की परंपरा का अनुभव भी करेंगे।

वॉलीबॉल संतुलन और सहयोग का खेल, कोई भी जीत अकेले प्राप्त नहीं होती
प्रधानमंत्री ने कहा कि वॉलीबॉल कोई साधारण खेल नहीं है बल्कि यह संतुलन और सहयोग का खेल है जहां गेंद को हमेशा हवा में रखने के प्रयास में दृढ़ संकल्प झलकता है। वॉलीबॉल खिलाड़ियों को टीम भावना से जोड़ता है जहां हर खिलाड़ी टीम पहले के मंत्र से प्रेरित होता है। भले ही प्रत्येक खिलाड़ी के पास अलग-अलग कौशल हों लेकिन सभी टीमें जीत के लिए खेलती हैं। यह खेल सिखाता है कि कोई भी जीत अकेले प्राप्त नहीं होती बल्कि जीत समन्वय, विश्वास और टीम की तैयारी पर निर्भर करती है। हर किसी की अपनी भूमिका और जिम्मेदारी होती है। सफलता भी तभी मिलती है जब हर कोई गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी को निभाता है।

खेल जगत में भी आत्मविश्वास में झलकता है
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश भी इसी तरह प्रगति कर रहा है, स्वच्छता से लेकर डिजिटल भुगतान तक, एक पेड़ मां के नाम से लेकर विकसित भारत के अभियान तक, हर नागरिक, हर वर्ग और हर प्रांत सामूहिक चेतना और ‘भारत पहले’ की भावना के साथ काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की विकास और अर्थव्यवस्था की सराहना कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति केवल आर्थिक मोर्चे तक ही सीमित नहीं है बल्कि खेल जगत में भी आत्मविश्वास में झलकता है।

अब भारत का खेल मॉडल खिलाड़ी-केंद्रित, एक समय सरकार और समाज दोनों खेल के प्रति थे उदासीन
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब सरकार और समाज दोनों ही खेलों के प्रति उदासीन थे। इससे खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती थी। बहुत कम युवा खेलों को अपना कॅरिअर बनाते थे। पिछले एक दशक में खेलों के प्रति सरकार और समाज दोनों की सोच में बदलाव आया है। सरकार ने खेल के बजट में बढ़ोतरी की है। अब भारत का खेल मॉडल खिलाड़ी-केंद्रित हो गया है। प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पोषण और पारदर्शी चयन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि खिलाड़ियों के हितों को हर स्तर पर प्राथमिकता दी जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में तेजी से सुधार हो रहे हैं। हर क्षेत्र और हर विकास लक्ष्य इससे जुड़ा हुआ है। और खेल भी उनमें से एक है। सरकार ने खेल के क्षेत्र में कई बड़े सुधार किए हैं। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम और खेलो भारत नीति 2025 शामिल हैं। इनसे प्रतिभाओं को अवसर मिलेंगे और खेल संगठनों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इन प्रावधानों से युवाओं को खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। टीओपी जैसी पहल भारत में खेल जगत को बदल रही हैं। इसमें मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने, वित्तपोषण तंत्र विकसित करने और युवा खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

विद्यालय स्तर से ही युवा खिलाड़ियों को ओलंपिक से करा रहे परिचित
प्रधानमंत्री ने कहा कि विद्यालय स्तर पर भी युवा खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों से परिचित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। खेलो इंडिया अभियान के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिला है। कुछ ही दिन पहले सांसद खेल महोत्सव का समापन हुआ है जिसमें लगभग एक करोड़ युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वाराणसी सांसद खेल महोत्सव के दौरान वाराणसी के लगभग तीन लाख युवाओं ने मैदान पर अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया। खेलों के लिए बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलावों से वाराणसी को भी लाभ मिल रहा है। सिगरा स्टेडियम, जहां यह आयोजन हो रहा है, अब कई आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के माध्यम से देश के खेल नक्शे पर स्थान बनाना शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वाराणसी की बन रही वैश्विक छवि
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चैंपियनशिप से पहले, वाराणसी ने कई महत्वपूर्ण आयोजनों की मेजबानी की है।जिनसे स्थानीय लोगों को अवसर मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला। इनमें जी-20 की बैठकें, काशी तमिल संगमम और काशी तेलुगु संगमम जैसे सांस्कृतिक उत्सव, प्रवासी भारतीय सम्मेलन और शंघाई सहयोग संगठन की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में वाराणसी का नाम शामिल है। अब इन उपलब्धियों में यह चैंपियनशिप और जुड़ रही है। ऐसे आयोजन वाराणसी को बड़े मंचों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

खिलाड़ियों को सुझाव- कहा- मलइयो का आनंद लें
प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी में इस समय सुहावना ठंडा मौसम रहता है। साथ ही स्वादिष्ट मौसमी व्यंजन भी उपलब्ध होते हैं। उन्होंने मलइयो का आनंद लेने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने, गंगा में नौका विहार करने और शहर की विरासत का अनुभव करने का भी आग्रह किया। संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

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