फसल बीमा के नाम पर मजाक: इंश्योरेंस कंपनी ने कमाए 9.5 करोड़, बाबूराम को क्लेम मिला 2.72 रुपये

बरेली जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बहेड़ी के बाबूराम को 2.72 रुपये का क्लेम मिला। अखा गांव के सुरेश गंगवार को 3.76 रुपये क्षतिपूर्ति मिली है। ऐसे कई किसान हैं, जिन्हें 100 रुपये से भी कम क्लेम मिला है। इसके विपरीत, सेवा प्रदाता कंपनी इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस ने 9.50 करोड़ रुपये की कमाई कर ली। इसमें किसानों के प्रीमियम के 3.84 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। शेष धनराशि केंद्रांश और राज्यांश की है।
अखा गांव के सुरेश गंगवार ने बताया कि उनके पास ढाई एकड़ खेती है। डेढ़ एकड़ में उन्होंने धान की फसल लगाई थी, जो बाढ़ से तबाह हो गई थी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड पर 2.80 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे वह अदा नहीं कर पाए हैं। फसल बीमा के नाम पर कितना प्रीमियम कटा, बैंक वालों ने इसकी कोई जानकारी या रसीद नहीं दी। उनके बैंक खाते में क्षतिपूर्ति के 3.76 रुपये आए हैं।
वर्ष 2024-25 के खरीफ सीजन में 1,188 किसानों को क्लेम मिला है। इसमें भदपुरा ब्लॉक के फुलवईया के महेंद्रपाल को सर्वाधिक 76,289 रुपये का क्लेम मिला है। इनके पास 50 बीघे खेती है। 20 बीघे में धान की फसल थी जो बाढ़ से नष्ट हो गई थी। नुकसान के मुताबिक क्षतिपूर्ति नहीं मिलने की शिकायत महेंद्र भी कर रहे हैं।
बहेड़ी के जाम अंतरामपुर के बाबूराम की धान की फसल भी पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, लेकिन उन्हें क्लेम के नाम पर 2.72 रुपये ही मिले हैं। रामनगर के मऊचंदपुर निवासी इदरीश को 2.65 और चंद्रप्रकाश को 2.82 रुपये मिले हैं।
वर्ष 2023 से 2025 तक बीमा कंपनी की कमाई

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प्रति हेक्टेयर धान की फसल पर 1,610 तो गेहूं की फसल के लिए 1,212 रुपये प्रीमियम किसान को देना होता है।
सिर्फ 6,800 किसानों ने कराया गेहूं की फसल का बीमा
इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि रबी सीजन 2025-26 में 18,500 गाटों पर लगी गेहूं की फसल का बीमा किया गया है। बीमित क्षेत्रफल 4,237 हेक्टेयर है। इसमें 6,800 किसानों की फसलों को शामिल किया गया है।
रबी सीजन में भी यही हाल
वर्ष 2024-25 के रबी सीजन में 932 किसानों को क्लेम मिला है। इनमें क्यारा के गांव सिमरा बोरी के अशोक को 3.05, बभिया के कलक्टर सिंह को 3.52, सुरेश कुमार को 4.15 और रमेश चंद्र को 5.40, भोजीपुरा के घंघौआ घनघोरी के रहीस खां को 7.27 रुपये मिले है। बहेड़ी के फिरोजपुर निवासी जीत सिंह को सर्वाधिक 32,318 रुपये मिले हैं।
इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि संबंधित क्षेत्र में क्रॉप कटिंग के जरिये निर्धारित उपज से कम उत्पादन होने पर उसी हिसाब में किसानों को क्षतिपूर्ति दी जाती है। यही कारण है कि किसी को दो रुपये तो किसी को अधिक धनराशि मिली है। खरीफ 2025 का क्लेम वितरित होना अभी बाकी है।
उप निदेशक कृषि हिमांशु पांडेय ने बताया कि इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस को शासन स्तर से तीन साल का टेंडर मिला है। यह इनके टेंडर का अंतिम वर्ष है। इन्होंने केवल 6,800 किसानों की फसल का बीमा किया है। स्पष्ट है कि ये लोग योजना के प्रति संजीदा नहीं हैं। इंश्योरेंस कंपनी के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखेंगे।





