बड़वानी के नागलवाड़ी में आज कृषि कैबिनेट, सीएम बोले-जनजातीय अंचल में पहली बार

मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभ का धंधा बनाने का है। इस क्रम में लगातार किसानों को लेकर सरकार कार्यक्रम का आयोजन कर रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार को किसान कल्याण को लेकर पहली बड़ी बैठक बड़वानी के नागलवाड़ी ग्राम में आयोजित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह प्रदेश के किसी जनजातीय अंचल में होने वाली पहली कृषि कैबिनेट है। इसका लाभ निमाड़ के साथ पूरे मालवा अंचल को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से नर्मदा वैली के माध्यम से पानी मिला है, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर और बड़वानी का पूरा क्षेत्र एक अलग ही प्रकार की समृद्धि से जाना और पहचाना जा रहा है। इसी आधार पर हमने सबसे पहले निमाड़ में मनाए जाने वाले फाग पर्व भगोरिया को राज्यकीय पर्व के रूप में समाज के साथ मनाने का निर्णय लिया है।
सीएम भगोरिया उत्सव में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कैबिनेट के साथ वे भगोरिया उत्सव भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जनजातीय अंचल में बड़े आदर और सम्मान का केन्द्र बाबा भीलट देव के मंदिर में बीते समय में हमारी सरकार ने विकास के कई काम कराए थे, जिसे हमने भीलट देव लोक का नाम दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए मनाए जा रहे किसान कल्याण वर्ष में किसानों के साथ ही कृषि कैबिनेट करते हुए हम विभिन्न प्रकार की योजनाओं को नई दिशा देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के विकास के लिए हम सबका साथ और सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।
किसानों से सीधा संवाद
मंत्रीमंडल पूरा दिन नागलवाड़ी में रहेगा। कृषि कैबिनेट की बैठक के साथ किसानों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों से संवाद होगा। कृषि और जनजातीय कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया उत्सव में शामिल होंगे, जहां जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
निमाड़ी स्वाद का खास इंतजाम
अतिथियों के लिए निमाड़ क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। अमाड़ी की भाजी, मक्के की रोटी, दाल पानिये, छाछ और निमाड़ी मिर्च के भजिये भोजन का हिस्सा होंगे। श्रीअन्न से बने कोदो का पुलाव और रागी से तैयार मिठाई भी शामिल की जाएगी।
संस्कृति और लोकजीवन की झलक
बैठक स्थल को निमाड़ी शैली में सजाया जा रहा है। डोम और अन्य संरचनाएं स्थानीय घरों की बनावट से प्रेरित होंगी। खेती-किसानी से जुड़ी प्रदर्शनी और ढोल-मांदल जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से लोकसंस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा। कृषि कैबिनेट के लिए पैगोडा, हट और डोम तैयार किए जा रहे हैं। अलग-अलग डोम में बैठक, प्रदर्शनी, भोजन, ग्रीन रूम और मीडिया ब्रीफिंग की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा रिसेप्शन, कंट्रोल रूम और प्रतीक्षा कक्ष जैसी सुविधाएं भी बनाई जा रही हैं।




