बरेली के इन तीन गांवों की बदलेगी तस्वीर, नगर निगम की सीमा में होंगे शामिल

बरेली शहर के बढ़ते आकार और तेजी से बढ़ती आबादी के मद्देनजर नगर निगम प्रशासन ने अपने सीमा विस्तार का खाका तैयार किया है। बदायूं रोड पर स्थित करगैना, करेली और पीलीभीत रोड पर स्थित धौरेरा माफी गांवों को जल्द ही नगर निगम की सीमा में शामिल किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्दी ही शासन से स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
नगर निगम में मौजूदा समय में 80 वार्ड हैं, जिनकी आबादी करीब 11 लाख है। करगैना, करेली और धौरेरा माफी के लोगों को शहर की सीमा में होने के बावजूद बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इन इलाकों में सुनियोजित विकास भी नहीं हो पा रहा है। नगर निगम की पहल के बाद 12 हजार से अधिक आबादी वाले इन तीन गांवों में रह रही आबादी को आस जगी है।
महानगर क्षेत्र की सीमा अघोषित रूप से पहले ही काफी बढ़ चुकी है। कई कॉलोनियां अस्तित्व में आ चुकी हैं। प्रॉपर्टी डीलरों ने सड़क और रेल सुविधा को देखते हुए मुख्य शहर से दूर कई कॉलोनियों को विकसित करना शुरू कर दिया है। शिक्षण संस्थाएं बनने से भी विकास के रास्ते खुल रहे हैं। निगम क्षेत्र में आने के बाद इन गांवों में प्राॅपर्टी की कीमतें भी बढ़ जाएंगी।
निगम क्षेत्र में मिलती हैं ये सुविधाएं
नगर निगम क्षेत्र में आने के बाद तीनों गांवों में सड़क, पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही, यहां के लोग प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और अन्य विकास योजनाओं के हकदार हो जाते हैं। हालांकि, उन्हें हाउस टैक्स, वाटर टैक्स देना पड़ता है और वीबी जी राम जी जैसे ग्रामीण कार्यक्रम बंद हो जाते हैं।
बढ़ेंगी सुविधाएं, बेहतर होगा जीवन स्तर
स्थानीय निवासी अरविंद गुर्जर ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने पर करगैना में सुविधाएं बढ़ेंगी। लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। संपत्ति की कीमतें भी बढ़ेंगी। सतेंद्र पाल सिंह ने कहा कि गांव अगर नगर निगम की सीमा में आता है तो डोर-टू-डोर कूड़ा क्लेक्शन से लेकर सड़क-पानी आदि की सुविधा मिल सकेगी।
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि शहर के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम बोर्ड ने सीमा विस्तार के प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया है, जल्दी ही शासन से मंजूरी मिलने की संभावना है।





