
ओडिशा सरकार राज्य के विभिन्न स्थानों के उन अंग्रेजी नामों को बदलने की तैयारी में है, जो मूल ओड़िया नामों के अपभ्रंश हैं। इस संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद पाढ़ी ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर नए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि राज्य के कई ज़िले, ज़िला मुख्यालय, उपखंड, ब्लॉक और तहसील ऐसे हैं, जिनके सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज अंग्रेज़ी नाम उनके वास्तविक ओड़िया नामों से मेल नहीं खाते।
ये नाम ब्रिटिश शासन के दौरान उच्चारण की कठिनाइयों के कारण गलत तरीके से प्रचलन में आए और आज भी उपयोग में हैं।सरकार का मानना है कि इस तरह की भाषाई विकृतियां राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को प्रभावित कर रही हैं तथा ओड़िया अस्मिता को ठेस पहुंचा रही हैं। इसी कारण अब इन स्थानों के मूल ओड़िया नामों को पुनः स्थापित करने की पहल की जा रही है।
स्पेलिंग में गलती
पत्र में उदाहरण देते हुए बताया गया है कि ‘आली’ तहसील का सरकारी अंग्रेजी नाम “एयूएल” प्रचलित है, जो ब्रिटिश काल की गलत वर्तनी का परिणाम है। ऐसे नामों को सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
इससे पहले सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से इस विषय पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। अब तक 13 जिलों से रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इन रिपोर्टों पर विधायकों, सांसदों और आम जनता से भी सुझाव लिए गए, जिसके बाद कई नए प्रस्ताव सामने आए हैं।
राजस्व सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पूर्व में भेजी गई रिपोर्टों की दोबारा समीक्षा कर, नए प्रस्तावों के साथ सात दिनों के भीतर विभाग को भेजें। सरकार जल्द ही समेकित रिपोर्ट तैयार कर अंतिम निर्णय ले सकती है।





