भारत-अमेरिका संबंध पर क्या बोले- गृह मंत्री अमित शाह

राजनीति और उद्योग जगत के दिग्गजों ने सोमवार को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि ”अनिश्चित भू-राजनीतिक परिदृश्य” में भारत ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर लिया है। इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि भारत-अमेरिका संबंधों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे मजबूत व्यापारिक संबंधों और आपसी विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह समझौता हमारी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा और दोनों देशों को लाभ पहुंचाएगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर क्या बोले रेल मंत्री
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। यह दोनों पक्षों के लिए जीत की तरह है। दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों को इस समझौते से बहुत लाभ मिलेगा।
सब्र का फल मीठा होता है
आइएएनएस के अनुसार, आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने एक्स पर लिखा- पहले यूरोपीय संघ के साथ मदर आफ ऑल डील्स। अब अमेरिका के साथ फादर आफ आल डील्स। मोदी सरकार की महान उपलब्धि! सब्र का फल मीठा होता है। उद्यमी और स्नैपडील के पूर्व सीईओ कुणाल बहल ने पोस्ट किया कि अधिकांश बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ हमारा समझौता है, जबकि हमारी अपनी अर्थव्यवस्था भी विकास पथ पर है।
प्रधानमंत्री मोदी का अविश्वसनीय नेतृत्व
पीटीआई के अनुसार, यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआइएसएफ) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा का स्वागत किया। कहा कि भारत पर लगाए गए टैरिफ में कमी एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है। आज की घोषणा दोनों पक्षों की ओर से व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति का संकेत देती है।
यह समझौता विभिन्न क्षेत्रों में टैरिफ, बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाओं और व्यापार संबंधी अन्य मुद्दों का समाधान करेगा। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापार घोषणा पर समय से पहले जश्न मनाने से बचना चाहिए।
500 अरब डालर की अमेरिकी खरीदारी का आंकड़ा भी समय-सीमा के बिना विश्वसनीयता से रहित है। भारत का अमेरिका से वर्तमान वार्षिक आयात 50 अरब डालर से कम है, जो यह दर्शाता है कि यह एक दीर्घकालिक आकांक्षा है।

