अध्यात्म

मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का शुभ संयोग

साल 2026 धार्मिक दृष्टि से बहुत अच्छा माना जा रहा है। दरअसल, 14 जनवरी 2026 को एक ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो दशकों में कभी-कभार ही देखने को मिलता है। इस दिन न केवल सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, बल्कि उसी दिन षटतिला एकादशी का पावन व्रत भी है। ऐसा कहा जा रहा है इस दुर्लभ दिन पर किए गए उपाय से दोगुना शुभ फलों की प्राप्ति होती है, तो आइए जानते हैं।

रात के समय करें ये दुर्लभ उपाय

पितृ दोष के लिए
14 जनवरी की रात को अपने घर की दक्षिण दिशा में एक मिट्टी के दीपक में तिल का तेल डालकर दीपक जलाएं। साथ ही इसमें थोड़े से काले तिल डाल दें। इस उपाय को करने से पितृ दोष शांत होता है। साथ ही पूर्वजों की कृपा मिलती है, जिससे घर में रुकते हुए काम बनने लगते हैं।

धन वृद्धि के उपाय
रात के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने एक पीले कपड़े में मुट्ठी भर काले तिल और 5 कौड़ियां रखें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का 108 बार जाप करें। अगली सुबह इस पोटली को अपनी तिजोरी में रख दें। कहते हैं कि एकादशी और संक्रांति के इस पावन मौके पर किया गया यह उपाय आर्थिक तंगी दूर करता है।

रोगों से मुक्ति के लिए
14 जनवरी की रात को थोड़ा सा काला तिल और गंगाजल मिलाकर एक पात्र में रखें। फिर संकल्प लें कि अगले दिन आप इसी तिल का उबटन लगाकर स्नान करेंगे। षटतिला एकादशी और संक्रांति पर तिल के उबटन से स्नान करने से राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

तिल का छह तरीकों से उपयोग
इस संयोग में तिल का उपयोग छह तरीकों से करना चाहिए। जैसे कि तिल का स्नान, तिल का उबटन, तिल का तर्पण, तिल का दान, तिल का भोजन और तिल का हवन। 14 जनवरी की रात को इन कामों को करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है।

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