
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने छह दिवसीय ओडिशा दौरे के दौरान गुरुवार को मयूरभंज जिले के अपने पैतृक क्षेत्र पहुंचीं। इस दौरान वह अपने दिवंगत पति स्व. श्याम चरण मुर्मू के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गईं, जहां भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा और उनकी आंखें नम हो गईं।
राष्ट्रपति ने पाहाड़पुर स्थित एसएलएस मेमोरियल में अपने पति के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। स्मारक परिसर में कुछ देर रुककर उन्होंने दिवंगत जीवनसाथी की स्मृतियों को नमन किया। इस भावुक क्षण में राष्ट्रपति खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वहां मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर भावविभोर हो उठे।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन में संघर्ष और पीड़ा का लंबा दौर रहा है। उन्होंने पति के साथ ही अपने दोनों पुत्रों को भी असमय खो दिया था। बावजूद इसके उन्होंने धैर्य और संकल्प के साथ जीवन की कठिनाइयों को पार किया और देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचीं।
एसएलएस मेमोरियल केवल एक स्मारक ही नहीं, बल्कि एक आवासीय विद्यालय भी है, जहां जनजातीय, पिछड़े और अनाथ बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। यह संस्थान स्व. श्याम चरण मुर्मू की स्मृति को जीवित रखने के साथ सामाजिक सेवा का भी केंद्र है।
इससे पहले राष्ट्रपति ने जाजपुर और पुरी में अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए। रायरंगपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक नृत्य और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के इस भावुक क्षण ने एक बार फिर यह दर्शाया कि देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बावजूद वह अपनी जड़ों, स्मृतियों और रिश्तों से गहरे जुड़ी हुई हैं।





