
पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान चंडीगढ़ में सैनिक स्कूल की स्थापना और पंजाब में सीमा पार से हो रही नशा व हथियार तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन प्रणाली को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्यपाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि चंडीगढ़ में सैनिक स्कूल खोलने का प्रस्ताव युवाओं के भविष्य से जुड़ा अहम कदम है। सैनिक स्कूल की स्थापना से केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा। इसकी रूपरेखा प्रशासनिक स्तर पर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बैठक में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती तस्करी पर भी गंभीर मंथन हुआ। राज्यपाल ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से हथियार और मादक पदार्थ भेजे जाने की घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं। ऐसे में एंटी-ड्रोन प्रणाली परियोजना को और प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है।
9 से 12 तक किया था बॉर्डर एरिया का दौरा
राज्यपाल ने 9 से 12 फरवरी तक तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का और अबोहर सहित सीमावर्ती जिलों का दौरा कर नशामुक्ति के लिए पदयात्रा निकाली थी। इस दौरान सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी चर्चा में रही। माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री के साथ हुई इस बैठक में सीमावर्ती जिलों की जमीनी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से फीडबैक साझा किया गया। इस मुलाकात को राज्य की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े दो अहम मुद्दों पर केंद्र और प्रदेश के बीच समन्वय के रूप में देखा जा रहा है।




