
‘पश्चिमी ओडिशा अब विकास का ”अगला फ्रंटियर” नहीं रहा, बल्कि यह ओडिशा के विकास का कोर इंजन बन चुका है।’ यह ऐलान प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ईंटरप्राइज ओडिशा 2026 के 25वें संस्करण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए किया।
उन्होंने कहा, ‘यह सिल्वर जुबली संस्करण हमारी नई सोच को दर्शाता है, हर क्षेत्र में सबसे बेहतर बनने की महत्वाकांक्षा। हम सबसे अच्छे होंगे और सबसे अच्छों से मुकाबला करेंगे। इसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।’ इस मौके पर सीएम ने पश्चिमी ओडिशा में कुल 20 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, जिनकी लागत 8,884 करोड़ रुपये है।
इससे 6,832 नौकरियां पैदा होंगी। कार्यक्रम में 22 एमओयू व 5 निवेश प्रस्ताव हस्ताक्षरित हुए, जिनसे 52,026 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ और 20,427 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उद्योग मंत्री सम्पाद चंद्र स्वाईं, रघुनाथपाली विधायक दुर्गा चरण तांती, अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा समेत उद्योगपति, एमएसएमई उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
टाटा स्टील, एमसीएल, जेएसडब्ल्यू, वेदांता, डालमिया सीमेंट, सेल, एएमएनएस प्रमुख संस्थानों ने भाग लिया। 500 से अधिक लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। सीएम माझी ने कहा, ‘इस वर्ष का थीम ”ओडिशा: रहने, काम करने व व्यापार करने का सबसे बेहतरीन स्थान” हमारी नई दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है। आर्थिक विकास के साथ जीवन स्तर सुधारना हमारा लक्ष्य है।
उद्योग वृद्धि से रोजगार, बेहतर जीवन व व्यापार की आसानी सुनिश्चित होगी।’ राज्य सरकार की रणनीति पर जोर देते हुए उन्होंने बताया, ‘हर क्षेत्र में कुछ एंकर उद्योग स्थापित करेंगे, जिनके इर्द-गिर्द सैकड़ों एमएसएमई सप्लायर, वेंडर, लॉजिस्टिक्स, फैब्रिकेटर, मेंटेनेंस व टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में विकसित होंगे।
इससे युवाओं को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा, नौकरियां उनके द्वार पर पहुंचेंगी। आज विशेष रूप से 11 परियोजनाओं (5,708 करोड़ निवेश, 4,183 नौकरियां) का उद्घाटन व 9 परियोजनाओं (3,176 करोड़, 2,649 नौकरियां) का शिलान्यास हुआ, जो क्षेत्र को औद्योगिक उछाल देगा।





