
छह दिवसीय ओडिशा दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार सुबह पुरी स्थित श्वेतगंगा पुष्करणी में पिंडदान किया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति ने मंगलवार रात पुरी लोक भवन में विश्राम किया। बुधवार सुबह 7 बजे वह श्वेतगंगा पुष्करणी पहुंचीं, जहां उन्होंने पिंडदान किया।
पिंडदान हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण कर्मकांड माना जाता है।
श्वेतगंगा पुष्करणी में पिंडदान के बाद राष्ट्रपति सुबह 7.40 बजे 12वीं शताब्दी के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पहुंचीं। यहां पर आम भक्तों की तरह गरुड़ स्तंभ को प्रणाम की और मंदिर में प्रवेश कर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर में पहुंचने पर राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाढ़ी, पुरी के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक (एसपी), श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य तथा छत्तीसा निजोग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी राष्ट्रपति के साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति के 12वीं शताब्दी के इस प्राचीन मंदिर के दौरे को लेकर मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुबह 6 बजे से 10 बजे तक आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रखे गए।





