उत्तराखंडराज्य

रुड़की रेलवे स्‍टेशन अधीक्षक को मिले एक अज्ञात पत्र से मचा हड़कंप, हरिद्वार के कई मंदिरों समेत CM धामी को बम से उड़ाने की मिली धमकी….

 रुड़की रेलवे स्‍टेशन अधीक्षक को मिले एक अज्ञात पत्र से हड़कंप मच गया है। पत्र में हरिद्वार के कई मंदिरों समेत मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।

धमकी भरे पत्रों की हैंडराइटिंग का मिलान कर रही पुलिस

जानकारी के मुताबिक उक्‍त पत्र आठ मई रविवार को रात को प्राप्‍त हुआ। जिसे पोस्‍ट द्वारा रेलवे स्टेशन अधीक्षक कार्यालय भेजा गया है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसी जांच पड़ताल में जुट गई है। पुलिस पूर्व में मिले इस तरह के धमकी भरे पत्रों की हैंडराइटिंग का मिलान कर रही है।

8 साल में 7 बार मिल चुके धमकी भरे पत्र

रुड़की रेलवे स्टेशन के अधीक्षक धमकी भरा पत्र मिलने का यह नया मामला नहीं है। 8 साल में सात बार रुड़की रेलवे स्टेशन पर धमकी भरे पत्र आ चुके हैं। पत्र भेजने वाला हर बार अपने आप को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर बताता है। वर्तमान मामले में रुड़की रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक को एक धमकी भरा पत्र लिखा है।

यह पत्र हिंदी में लिखा गया है। जिसमें पत्र लिखने वाले ने खुद को आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर सलीम अंसारी बताया है। साथ ही उसने रुड़की, लक्सर, नजीबाबाद, ऋषिकेश और हरिद्वार रेलवे स्टेशन के अलावा मनसा देवी, चंडी देवी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड आदि को बम से उड़ाने की धमकी दी है। इस पत्र मिलने के बाद हर बार की तरह पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी है, लेकिन 8 साल में इस तरह के सात पत्र पहले भी पुलिस को मिल चुके हैं।

पहले भी मिल चुके हैं धमकी भरे पत्र

इससे पहले वर्ष 2019 में एक पत्र मिला था, जिसमें कई स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। 2018, 2015, 2014 और 2013 में भी इस तरह के धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं। अधिकांश पत्र कावड़ यात्रा से पहले यह यात्रा सीजन शुरू होने से पहले मिलते हैं। हालांकि 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण के चलते कोई भी पद नहीं मिला है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उच्चाधिकारियों को पत्र के बारे में अवगत करा दिया गया है। बता दें कि रुड़की रेलवे स्टेशन अधीक्षक को अप्रैल 2019 में भी इस तरह का धमकी भरा पत्र मिला था। वहीं मामले में जीआरपी की कार्यवाहक थाना अध्‍यक्ष ममता गोला का कहना है कि पत्र मिला है। छानबीन की जा रही है।

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