राजस्थानराज्य

वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कमजोर होते ही छाया घना कोहरा

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर खत्म होने के बाद आसमान साफ हुआ और प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छा रहा। राज्य के 6 से अधिक जिलों में सुबह के समय घना कोहरा रहा, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। हल्की सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में भी 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर और करौली के इलाकों में कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही और कुछ जगहों पर यातायात बाधित हुआ। सीमावर्ती जैसलमेर में घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर करीब 10 मीटर तक रह गई।

फतेहपुर रहा सबसे ठंडा
सोमवार को सीकर जिले का फतेहपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नागौर में 5.9, लूणकरणसर में 6, दौसा में 6.5, बारां में 7.8, सिरोही में 8.1, श्रीगंगानगर में 9.3 और चूरू में 8.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। कोहरे के कारण जयपुर से श्रीगंगानगर जा रही एक बस रास्ता भटक गई, जिसे कुछ किलोमीटर आगे जाकर ड्राइवर ने संभाला। वहीं, श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ क्षेत्र में घने कोहरे के चलते ट्रेनों की गति भी धीमी रही। इस इलाके में पिछले दो दिनों से कोहरे का असर बना हुआ है।

अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव
दिन के तापमान की बात करें तो सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया। जोधपुर में 29.8, जालौर में 29.5, नागौर में 28.8 और दौसा में 28.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में आज भी कोहरे का प्रभाव बना रहेगा। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर से सटे राजस्थान के क्षेत्रों में भी कोहरे का असर देखने को मिल सकता है।

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