शानदार रहा संसद का बजट सत्र, कुल 16 विधेयक पारित

संसद के बजट सत्र के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक समेत कुल 16 विधेयकों को पारित किया गया। शुक्रवार से समाप्त हुआ बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हुआ था। संसदीय कार्य मंत्रालय के मुताबिक बजट सत्र में लोकसभा की उत्पादकता 118 और राज्यसभा की 119 प्रतिशत रही है।
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को बजट सत्र के समाप्त होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सूचना एवं प्रसारण व संसदीय कार्य राज्य मंत्री एल मुरुगन भी मौजूद रहे।
पूरे सत्र में हुई कुल 26 बैठकें
रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र के पहले चरण में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 9 बैठकें हुईं। सत्र के दूसरे भाग में दोनों सदनों की 17 बैठकें हुईं। पूरे बजट सत्र के दौरान कुल 26 बैठकें हुईं। वर्ष के पहले सत्र होने की वजह से राष्ट्रपति ने 31 जनवरी को संविधान के अनुच्छेद 87(1) के अनुसार संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया।
173 सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पेश किया और रविशंकर प्रसाद ने इसका समर्थन किया। इस पर लोकसभा में 12 घंटे के आवंटित समय के मुकाबले 17 घंटे 23 मिनट तक चर्चा हुई। मंत्रालय के अनुसार, 173 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया।
बजट पर राज्यसभा में हुई 18 घंटे बहस
उधर, राज्यसभा में किरण चौधरी ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया और नीरज शेखर ने उसका समर्थन किया। इस प्रस्ताव पर राज्यसभा में 15 घंटे के निर्धारित समय के मुकाबले 21 घंटे 46 मिनट तक चर्चा हुई। 73 सदस्यों ने बहस में भाग लिया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया।
लोकसभा में बजट पर 16 घंटे 13 मिनट की चर्चा में 169 सदस्यों ने हिस्सा लिया। वहीं राज्यसभा में 15 घंटे के आवंटित समय के मुकाबले 17 घंटे 56 मिनट चर्चा हुई और 89 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
वक्फ संशोधन विधेयक पास
संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक- 2025 पारित किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से संबंधित हितधारकों के सशक्तिकरण, सर्वेक्षण, पंजीकरण और मामले के निपटान की प्रक्रिया में सुधार लाना है।
इसके अलावा मुसलमान वक्फ अधिनियम- 1923 को भी निरस्त कर दिया गया है।
आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक- 2025
इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के कामकाज को मजबूत बनाने के लिए आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न संगठनों की भूमिकाओं में अधिक स्पष्टता लाना है। यह विधेयक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर सशक्त बनाएगा।
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक- 2025
बजट सत्र के दौरान त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक- 2025 पर भी मुहर लगी है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से सहकारी क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण प्रदान करने व संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह विश्वविद्यालय डिग्री कार्यक्रम, दूरस्थ शिक्षा और ई-लर्निंग पाठ्यक्रम प्रदान करेगा। सहकारी क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र विकसित करेगा।
ये विधेयक भी पास
आव्रजन और विदेशी विधेयक- 2025
बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक- 2025