
सीएजी की कई अहम रिपोर्टों और विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान बुधवार को विधानसभा का सदन गरमाने के पूरे आसार हैं। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सरकार और विपक्ष आमने-सामने होंगे। कोर्ट फीस संशोधन विधेयक से लेकर प्रदूषण और उपराज्यपाल के अभिभाषण तक, कई बड़े मुद्दों पर लंबी और तीखी बहस होने की संभावना है।
दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी। इसमें तारांकित प्रश्नों के जवाब सदन में दिए जाएंगे, जबकि अतारांकित प्रश्नों के उत्तर पटल पर रखे जाएंगे। इसके बाद विशेष उल्लेख के तहत सदस्य अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अनुमति से जनहित से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की कुल सात महत्वपूर्ण रिपोर्टें सदन में रखेंगी। इनमें 2020 से 2023 तक के राज्य वित्त, राजस्व, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों, सार्वजनिक उपक्रमों और दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर सत्ता पक्ष, विपक्ष को घेरने की तैयारी में है। शीतकालीन सत्र में दबाव में सत्ता पक्ष नहीं, बल्कि विपक्ष दिख रहा है।
फांसीघर जांच रिपोर्ट पर स्पीकर लेंगे निर्णय
सदन में व्यवसाय सलाहकार समिति और विशेषाधिकार समिति की रिपोर्टों को भी सदन में पेश किया जाएगा। फांसी घर जांच रिपोर्ट पर चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष अपना निर्णय सुनाएंगे। विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा को लेकर सियासी माहौल गरम रहने की संभावना है। सरकार दिल्ली जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026 और दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक 2026 को सदन में पेश करेगी। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा प्रदूषण पर काबू पाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकार देंगे। शिक्षा मंत्री आशीष सूद वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर बयान देंगे।





