
समुद्र में ड्यूटी के दौरान भारतीय नाविक सार्थक महापात्रा के लापता होने से चिंता बढ़ गई है। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन निदेशालय जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने इस मामले में तत्काल खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। सार्थक महापात्र सिंगापुर ध्वज वाले जहाज ‘ईए जर्सी’ पर कैडेट के पद पर तैनात थे और 3 फरवरी 2026 को समुद्र में लापता हो गए।
डीजी शिपिंग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भर्ती एवं प्लेसमेंट सेवा प्रदाता एंग्लोईस्टर्न शिप मैनेजमेंट (इंडिया) प्रा. लि. ने जानकारी दी कि सार्थक को 3 फरवरी की तड़के जहाज पर अंतिम बार देखा गया था। घटना की पुष्टि होते ही डीजी शिपिंग ने अपना क्राइसिस रिस्पॉन्स मैकेनिज्म सक्रिय कर दिया।
मॉरीशस के समन्वय में चल रहा सर्च ऑपरेशन
लापता नाविक की तलाश के लिए मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर, मॉरीशस के नेतृत्व में खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आसपास के क्षेत्र में दो से तीन जहाजों की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी है।
इस मामले को सिंगापुर के फ्लैग स्टेट प्रशासन, जहाज के पी एंड आई क्लब, संबंधित भारतीय एजेंसियों और सीफेरर्स वेलफेयर फंड सोसायटी के साथ भी उठाया गया है।
परिवार को दी जा रही हर संभव मदद
डीजी शिपिंग ने बताया कि लापता नाविक के निकटतम परिजनों को सूचना दे दी गई है और इस कठिन समय में परिवार को हर संभव सहायता और सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही सक्षम प्राधिकारियों द्वारा तथ्य-जांच जांच शुरू करने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।
ओडिशा सरकार ने उठाया मामला
परिवार की अपील के बाद ओडिशा सरकार ने भी इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया है और केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया है। इसके बाद डीजी शिपिंग ने सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय और तेज कर दिया है।
मंत्री स्तर पर निगरानी
स्थिति की समीक्षा केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री तथा मंत्रालय के सचिव द्वारा की गई है। दोनों ने डीजी शिपिंग को खोज और बचाव अभियान पर करीबी नजर रखने और जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
डीजी शिपिंग ने दोहराया कि सार्थक महापात्र का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह दुनिया भर में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा, कल्याण और अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्थिति में किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।



