पंजाबराज्य

सीएम मान ने सुनाया कॉलेज का किस्सा; कांग्रेस बोली- ये महिलाओं का अपमान, महिला आयोग को दी शिकायत

पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा की एक पोस्ट पर जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि यह महिलाओं का अपमान है जिसे लेकर उन्होंने वेल में आकर नारेबाजी की।

कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के पोस्ट पर विवाद के बाद कांग्रेसी विधायकों ने भी पंजाब महिला आयोग को सीएम भगवंत मान के खिलाफ शिकायत दी है और मामला दर्ज करवाने के साथ ही सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस विधायकों ने इस संबंध में आयोग को पत्र लिखा है।

उन्होंने लिखा कि महिला दिवस के मौके पर प्रदेश में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें सीएम भगवंत मान ने भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान का एक किस्सा साझा किया और एक लड़की के बारे में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया है, वे आपत्तिजनक है। कांग्रेस विधायकों ने लिखा कि यह महिलाओं का अपमान है जिसका आयोग को नोटिस लेना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी महिलाएं के प्रति इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल न करें।

कांग्रेस विधायक खैरा के पोस्ट पर विधानसभा में हंगामा
पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा की एक पोस्ट पर जमकर हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि यह महिलाओं का अपमान है जिसे लेकर उन्होंने वेल में आकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने इसे लेकर माफी भी मांगी और कहा कि वह इसकी निंदा करते हैं बावजूद इसके विधायक इससे संतुष्ट नहीं हुए।

इसके बाद ही विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पेश किया गया जिसे पास कर दिया गया। स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार खैरा की पोस्ट महिलाओं का अपमान है जिसे सदन का भी अपमान माना गया है इसलिए सदस्यों की सहमति से निंदा प्रस्ताव पास किया जाता है।

तत्काल महिलाओं से माफी मांगें विधायक खैरा : शर्मा
भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भुलत्थ के कांग्रेसी विधायक व ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के चेयरमैन सुखपाल सिंह खैरा द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि खैरा को तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

इस प्रकार की भाषा न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है बल्कि यह एक असंवेदनशील मानसिकता को भी दर्शाती है, जो किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेता महिलाओं के सम्मान के प्रति इतनी गैर-जिम्मेदार भाषा का प्रयोग कर रहे हैं।

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